एफएनएन, देहरादून : Rekha Arya उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की तलाश में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से साहू का पता नहीं चल पाया है। उनके नेपाल में छिपे होने की आशंका के बीच देहरादून पुलिस ने नेपाल पुलिस से संपर्क साधा है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है।
कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच
पुलिस गिरधारी लाल साहू की कॉल डिटेल और मोबाइल की आखिरी लोकेशन खंगाल रही है। उनके विदेश जाने की आशंका को देखते हुए लुकआउट सर्कुलर जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने इसकी पुष्टि की है।
एसएसपी के मुताबिक, पुलिस का प्रयास है कि साहू के ठिकाने का पता लगाकर उन्हें जांच के दायरे में लाया जाए। हालांकि, उनके नेपाल पहुंचने की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को उनके नेपाल में छिपे होने की सूचना मिली है, जिसके आधार पर जांच की जा रही है।
15 अक्टूबर को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मंत्री रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, धोखाधड़ी और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इसके अलावा, मंत्री ने कंपनी के दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें निदेशक पद से हटाने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की जांच एसपी देहात जया बलूनी के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। मामले की जांच उत्तर प्रदेश के बरेली तक पहुंच चुकी है।
बरेली में भी पुलिस ने जुटाए दस्तावेज
जांच के सिलसिले में पुलिस टीम बरेली में साहू के संभावित ठिकानों पर पहुंची थी। वहां पुराने मुकदमों और कंपनियों से जुड़े दस्तावेज जुटाए गए, लेकिन टीम को साहू नहीं मिले।
अब पुलिस बरेली से एकत्र किए गए साक्ष्यों के साथ मंत्री की ओर से बताए गए ठिकानों और संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कथित दस्तावेजी अनियमितताओं में किन लोगों की भूमिका हो सकती है और आरोपों की पुष्टि के लिए कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं।
कथित ऑडियो की फॉरेंसिक जांच होगी
इस मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित ऑडियो भी जांच के दायरे में है। इस रिकॉर्डिंग को लेकर गिरधारी लाल साहू पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं, साहू ने ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किया गया फर्जी ऑडियो बताते हुए आरोपों को खारिज किया था।
पुलिस के अनुसार, ऑडियो की प्रामाणिकता जांचने के लिए फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है। फिलहाल एसआईटी मामले से जुड़े दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।







