एफएनएन, देहरादून : Harish Rawat पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के रविवार को प्रस्तावित रोड शो को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। भाजपा नेताओं ने रोड शो को लेकर हरीश रावत और कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा विधायक विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सुरेश जोशी ने अलग-अलग बयानों में रोड शो को लेकर कांग्रेस की राजनीति और हरीश रावत की भूमिका पर सवाल उठाए।
भाजपा विधायक विनोद चमोली ने हरीश रावत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनसे बेहतर ‘ड्रामेबाज’ नेता कोई और नहीं है। उन्होंने कहा कि जो नेता कल तक इस्तीफे की बात कर रहे थे, वही अब जोरदार स्वागत करा रहे हैं। चमोली ने दावा किया कि जनता की नजरों में कांग्रेस एक्सपोज हो चुकी है और उसके नेता ‘फ्यूज’ साबित हुए हैं।
चमोली का भ्रष्टाचार के आरोपों पर हमला
प्रेस वार्ता के दौरान विनोद चमोली ने आरोप लगाया कि हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में उत्तराखंड में भ्रष्टाचार चरम पर था। उन्होंने कहा कि उस दौर में हुए कथित भ्रष्टाचार की कड़ियां अब भी सामने आ रही हैं और कई मामलों की परतें खुल रही हैं।
चमोली ने आरोप लगाया कि हरीश रावत रोड शो के जरिए शक्ति प्रदर्शन कर कांग्रेस पर दोबारा दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के प्रदर्शन का कांग्रेस या ‘उत्तराखंडियत’ से कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सुरेश जोशी ने भी हरीश रावत पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि चुनावों में लगातार हार का सामना करने वाले हरीश रावत से कांग्रेस पार्टी और जनता छुटकारा पाना चाहती है। जोशी ने दावा किया कि इस तरह के कार्यक्रमों और प्रदर्शनों का 2027 के चुनावी नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का दावा है कि कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक पार्टी का प्रभाव मजबूत रहेगा।
मुन्ना चौहान ने उठाए शक्ति प्रदर्शन के मकसद पर सवाल
भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने हरीश रावत के रोड शो को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि आखिर यह शक्ति प्रदर्शन किसके लिए किया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या यह कांग्रेस आलाकमान को अपनी ताकत दिखाने के लिए है, प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को संदेश देने के लिए है या फिर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता साबित करने की कोशिश है।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस में हरीश रावत को जिस तरह लगातार हाशिये पर किए जाने की चर्चा होती रही है, वह किसी से छिपी नहीं है। उनके मुताबिक रविवार का रोड शो कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का एक और अध्याय बनता दिखाई दे रहा है।








