एफएनएन, देहरादून : Ankita Bhandari Murder को 18 सितंबर को चार साल पूरे होने जा रहे हैं। मामले में कथित वीआईपी को लेकर कार्रवाई की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर 18 सितंबर को देहरादून के गांधी पार्क में श्रद्धांजलि सभा और विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाकर भी विरोध दर्ज कराया जाएगा।
यह प्रदर्शन अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है। मंच के मुताबिक, 40 से अधिक विभिन्न संगठनों ने इस अभियान को समर्थन दिया है। संगठनों का कहना है कि अंकिता को न्याय दिलाने के साथ ही मामले से जुड़े उन सभी सवालों के जवाब सामने आने चाहिए, जिन्हें लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है।
जांच और कथित वीआईपी को लेकर उठाए सवाल
संयुक्त संघर्ष मंच से जुड़ी कमला पंत के मुताबिक, चार साल बीतने के बावजूद अंकिता के परिवार, उत्तराखंड की जनता और आंदोलन से जुड़े संगठनों के मन में कई सवाल अब भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच, जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और न्यायालय के समक्ष रखी गई सामग्री को लेकर यह स्पष्ट होना चाहिए कि मामले के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की निष्पक्ष जांच किस स्तर तक हुई है।
कमला पंत ने कहा कि किसी भी जांच का उद्देश्य केवल कानूनी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि वास्तविक तथ्यों को सामने लाना होना चाहिए। यदि किसी महत्वपूर्ण पहलू पर सवाल बाकी हैं तो उनके जवाब सामने आना भी न्याय की प्रक्रिया का हिस्सा है।
रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाने को लेकर भी सवाल
जन संगठनों ने रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाए जाने के मामले को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठनों का आरोप है कि मामले से जुड़े साक्ष्यों को नष्ट किए जाने की आशंका के बीच रिजॉर्ट को ध्वस्त किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि बुलडोजर चलाने का आदेश देने वालों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई।
संगठनों ने स्थानीय विधायक और पूर्व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष को भी इस मामले की जांच के दायरे में लाए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
सीबीआई जांच को लेकर भी नाराजगी
अंकिता भंडारी केस की सीबीआई जांच को लेकर भी संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सीबीआई जांच की मांग और प्रक्रिया को लेकर समय बीतने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रदर्शन में इस मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
इसके अलावा, संगठनों ने अंकिता के माता-पिता की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र को सीबीआई जांच का आधार न बनाए जाने और एक पर्यावरणविद् की एफआईआर को आधार बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई है।
गांधी पार्क में बनेगी मानव श्रृंखला
संयुक्त संघर्ष मंच और इससे जुड़े संगठनों ने कहा है कि 18 सितंबर को देहरादून के गांधी पार्क में अंकिता को श्रद्धांजलि देने के साथ ही न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
मंच का कहना है कि चार साल बाद भी यदि अंकिता के लिए न्याय की आवाज उठानी पड़ रही है तो यह गंभीर विषय है। संगठनों ने सरकार और प्रशासन से मामले से जुड़े सभी सवालों का जवाब देने और कथित वीआईपी समेत जिन भी पहलुओं पर सवाल उठ रहे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।








