एफएनएन, चमोली : Chamoli चमोली जिले में पुलिस के सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने फर्जी वीआईपी कल्चर की पोल खोल दी। कार पर लगा ‘JUDGE’ स्टीकर किसी आधिकारिक पहचान का प्रतीक नहीं था, बल्कि टोल बचाने और लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए लगाया गया था। मामले का खुलासा होते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टीकर हटवाया और वाहन चालक का चालान कर दिया।
दरअसल, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पाण्डुकेश्वर रजिस्ट्रेशन चेकिंग बैरियर पर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रूकम सिंह ने वाहन संख्या UP-14DN-9554 को जांच के लिए रोका।
पुलिस के अनुसार वाहन चालक अन्य वाहनों की लंबी कतार को नजरअंदाज कर गलत दिशा से आगे निकलने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान पीछे चल रहे कई वाहन चालकों ने भी उसकी तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी की शिकायत की।
पूछताछ में चालक अभय सिंह, निवासी गोला लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) ने बताया कि वाहन उसके दोस्त का है। उसने यह भी कहा कि उसके दोस्त का भाई लखनऊ कोर्ट में कार्यरत है। आगे जांच में पता चला कि कार पर लगा ‘JUDGE’ स्टीकर किसी अधिकृत उपयोग के लिए नहीं था, बल्कि टोल टैक्स से बचने और वीआईपी छवि बनाने के उद्देश्य से लगाया गया था।
सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने मौके पर ही वाहन से स्टीकर हटवाया और मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की। साथ ही चालक को भविष्य में इस तरह की हरकत न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई।
चमोली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत यातायात नियम तोड़ने वालों, नशे में वाहन चलाने वालों और फर्जी वीआईपी पहचान का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। चारधाम यात्रा के मद्देनजर जिले में चेकिंग अभियान और अधिक सख्ती से चलाया जा रहा है।







