एफएनएन, हल्द्वानी : Kainchi Dham विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम स्थापना दिवस और बाबा नीब करौरी महाराज जन्मोत्सव मेले को लेकर नैनीताल पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 13 जून से विशेष यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस दौरान कई मार्गों पर वाहनों का डायवर्जन रहेगा, जबकि भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन के अनुसार, 13 जून सुबह 6 बजे से 14 जून रात 11 बजे तक कैंची धाम मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जाने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन निर्धारित समयावधि में ही आवाजाही कर सकेंगे।
केमू और रोडवेज की बसों के लिए भी विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। 14 जून दोपहर 2 बजे से 16 जून दोपहर 12 बजे तक अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जाने वाली बसों को भवाली-कैंची धाम मार्ग की बजाय रामगढ़ और मुक्तेश्वर रूट से संचालित किया जाएगा।
छोटे वाहनों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। ज्योलीकोट, भीमताल और अन्य क्षेत्रों से पहाड़ की ओर जाने वाले टैक्सी एवं निजी वाहनों को विभिन्न डायवर्जन मार्गों से भेजा जाएगा, ताकि कैंची धाम क्षेत्र में यातायात का दबाव कम किया जा सके।
मेले के दौरान दोपहिया वाहनों पर भी विशेष प्रतिबंध रहेगा। 14 जून सुबह 8 बजे से 16 जून शाम 4 बजे तक कैंची धाम क्षेत्र में बाइक और स्कूटरों का प्रवेश बंद रहेगा। इन वाहनों के लिए काठगोदाम, भीमताल और फरसौली में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नैनीताल, भवाली, भीमताल, हल्द्वानी, काठगोदाम और रामनगर समेत प्रमुख कस्बों के बाजारों को 11 जून से 16 जून तक मध्यरात्रि तक खुले रखने की अनुमति दी गई है। इससे देर रात यात्रा करने वाले लोगों को भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब 1500 पुलिसकर्मियों के अलावा एसएसबी, पीएसी, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, बम निरोधक दस्ता और एटीएस की तैनाती की गई है। जिले की सीमाओं पर कई स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस ने विभिन्न रूटों के लिए रंग-बिरंगे स्टिकर भी तैयार किए हैं। वाहनों को उनके गंतव्य के अनुसार स्टिकर जारी किए जाएंगे और उसी आधार पर उन्हें निर्धारित मार्गों से भेजा जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन सीज किए जा सकते हैं।
प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष कैंची धाम मेले में पांच लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। 15 जून को अकेले ढाई लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए पूरे जिले में 35 से अधिक डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से यह विस्तृत ट्रैफिक एवं सुरक्षा योजना लागू की गई है।







