Friday, March 20, 2026
03
20x12krishanhospitalrudrapur
previous arrow
next arrow
Shadow
Homeराज्यउत्तराखंडमहंगाई के मुद्दे पर यशपाल आर्य ने धामी सरकार पर साधा निशाना

महंगाई के मुद्दे पर यशपाल आर्य ने धामी सरकार पर साधा निशाना

एफएनएन, देहरादून : नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने धामी सरकार पर निशाना साधा है. यशपाल आर्य ने कहा, आज प्रदेश की आम जनता-चाहे वह मध्यम वर्ग हो, किसान हो, मजदूर हो या नौकरीपेशा वर्ग-सभी महंगाई की मार से परेशान हैं. रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है, रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ती जा रही हैं और परिवारों के लिए घर का बजट संभालना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है.

आगे उन्होंने कहा, ऐसी स्थिति में प्रदेश की जनता को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं. लोगों को यह आशा थी कि सरकार ऐसा बजट प्रस्तुत करेगी, जिससे महंगाई से कुछ राहत मिलेगी. जीवन-यापन का बोझ थोड़ा कम होगा और आम नागरिक को कुछ आर्थिक सहारा मिलेगा, लेकिन दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि यह बजट जनता की उन उम्मीदों पर खरा उतरता हुआ दिखाई नहीं देता.

आगे यशपाल आर्य ने कहा, इस बजट में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान या ठोस पहल दिखाई नहीं देती, जिससे यह लगे कि सरकार महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है. महंगाई का सबसे अधिक प्रभाव मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग पर पड़ता है. यही वह वर्ग है, जो सीमित आय में अपने परिवार का खर्च चलाता है और बढ़ती कीमतों के बीच रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करता है.

उन्होंने कहा, ऐसी स्थिति में अपेक्षा थी कि इस बजट में आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाने चाहिए. जीवन-यापन की लागत को कम करने के उपाय किए जाने चाहिए. ऐसे निर्णय लिए जाने चाहिए जिनसे आम जनता को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सके, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि इस दिशा में कोई उल्लेखनीय पहल इस बजट में दिखाई नहीं देती. किसी भी सरकार का दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा करना ही नहीं होता, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होता है कि आम नागरिक का जीवन सहज और सुरक्षित बने, जब महंगाई लगातार बढ़ रही हो और जनता आर्थिक दबाव में जी रही हो, तब सरकार से अपेक्षा होती है कि वह राहत देने वाली नीतियां लेकर आए.

आगे यशपाल आर्य ने ये भी कहा, प्रदेश की जनता आज महंगाई से राहत चाहती है. उसे ऐसे निर्णयों की आवश्यकता है जो उसके दैनिक जीवन को आसान बनाएं और आर्थिक बोझ को कम करें. इसलिए सरकार को चाहिए कि वह जनता की इस पीड़ा को समझे और ऐसी नीतियां बनाए, जिनसे आम नागरिक को वास्तविक राहत मिल सके.

 

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments