एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सभी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की जाएगी। इसके तहत कार्यालयों में प्रवेश व्यवस्था, CCTV निगरानी, आगंतुकों के रिकॉर्ड और आपात स्थिति में तत्काल मदद की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में पैनिक बटन लगाया जाएगा, जबकि कार्यालय परिसर में एचडी CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों में कम से कम 90 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की क्षमता होगी।
गृह विभाग की SOP को PWD में लागू करने के निर्देश
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक गृह विभाग, उत्तराखंड शासन की ओर से 25 फरवरी 2026 को जारी पत्र में शामिल SOP को लोक निर्माण विभाग के सभी कार्यालयों में लागू करने की स्वीकृति दी गई है।
इस SOP का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, बाहरी लोगों के प्रवेश को नियंत्रित करना और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल सुरक्षा कार्रवाई की व्यवस्था करना है।
बिना वैध पहचान पत्र के कार्यालय में प्रवेश नहीं
नई व्यवस्था के तहत हर कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर विजिटर रजिस्टर या इलेक्ट्रॉनिक विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम उपलब्ध रहेगा। बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी बाहरी व्यक्ति को कार्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
आगंतुक का नाम, पता या मोबाइल नंबर, कार्यालय में आने और जाने का समय तथा वह किस अधिकारी से मिलने आया है, इसकी जानकारी दर्ज करना जरूरी होगा।
इसके अलावा किसी अधिकारी के कमरे में एक समय में दो से अधिक आगंतुकों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इससे अधिकारियों से मिलने के लिए एक साथ बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सकेगा।
नारेबाजी और अमर्यादित व्यवहार पर कार्रवाई
SOP के तहत कार्यालय परिसर में मादक पदार्थों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी। सरकारी काम में बाधा डालने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज कराने की व्यवस्था होगी।
कार्यालय परिसर में शोर-शराबा, नारेबाजी और अमर्यादित व्यवहार भी प्रतिबंधित रहेगा। इसके संबंध में कार्यालय के बाहर प्रमुखता से सूचना पट्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
आगंतुकों को यह भी बताया जाएगा कि पूरा परिसर CCTV की निगरानी में है और नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
हथियार और आपत्तिजनक सामान ले जाने पर रोक
कार्यालय परिसर में ज्वलनशील पदार्थ, स्याही, लाठी-डंडे, हथियार या किसी अन्य आपत्तिजनक वस्तु को ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा कार्यालय का समय समाप्त होने के बाद परिसर में अनधिकृत प्रवेश भी प्रतिबंधित किया गया है।
सुरक्षा जांच को मजबूत करने के लिए कार्यालयों में DFMD यानी डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
90 दिन की रिकॉर्डिंग वाला HD CCTV जरूरी
सभी PWD कार्यालयों में HD CCTV कैमरे लगाए जाना अनिवार्य होगा। कैमरों में कम से कम 90 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की क्षमता होनी चाहिए।
CCTV के जरिए कार्यालय परिसर में आने-जाने वाले लोगों और गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। किसी घटना की स्थिति में रिकॉर्डिंग जांच में भी उपयोगी हो सकेगी।
प्रमुख अधिकारियों के कमरों में लगेगा पैनिक बटन
नई SOP में प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में पैनिक बटन लगाने का प्रावधान किया गया है। किसी आपात स्थिति या सुरक्षा खतरे की स्थिति में अधिकारी पैनिक बटन के जरिए तत्काल मदद के लिए सूचना दे सकेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य घटना होने के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
हर कार्यालय में नामित होगा सुरक्षा नोडल अधिकारी
प्रत्येक कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। कार्यालय परिसर में किसी भी सुरक्षा संबंधी घटना की जानकारी तत्काल नोडल अधिकारी को देनी होगी।
घटना का पूरा विवरण अलग से घटना पंजिका में दर्ज किया जाएगा, जिससे सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं का रिकॉर्ड रखा जा सके।
टेंडर और निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों को देखते हुए बढ़ाई गई सुरक्षा
लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों में विकास कार्यों, टेंडर और निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों को लेकर ठेकेदारों और आम लोगों का लगातार आना-जाना रहता है। कई बार विभागीय कार्यों या टेंडर प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां और विरोध भी सामने आते हैं।
इसी को देखते हुए कार्यालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को निर्धारित SOP के तहत मजबूत करने पर जोर दिया गया है। विजिटर मैनेजमेंट, पहचान पत्र की अनिवार्यता, सीमित संख्या में आगंतुकों का प्रवेश, CCTV, DFMD, पैनिक बटन और घटना पंजिका जैसी व्यवस्थाओं के जरिए कार्यालयों में सुरक्षा निगरानी को व्यवस्थित किया जाएगा।







