Monday, March 23, 2026
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पेपर लीक के कारण रद्द हुई परीक्षा फिर से होगी, आयोग ने जारी किया शेड्यूल

एफएनएन, देहरादून: उत्तराखंड में स्नातक स्तरीय परीक्षा को लेकर आयोग ने नई तारीख की घोषणा कर दी है. दरअसल पूर्व में यह परीक्षा रद्द हो चुकी है और इसके बाद से ही युवाओं को परीक्षा के लिए नई तारीख का इंतजार था. खास बात यह है कि स्नातक स्तरीय परीक्षा को पेपर लीक होने के चलते रद्द किया गया था. ऐसे में आयोग ने फिर से इस परीक्षा को करने के लिए जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद नई तारीख तय की है.

स्नातक स्तरीय परीक्षा की नई तारीख घोषित: उत्तराखंड के हजारों युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. लंबे इंतजार के बाद स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. यह वही परीक्षा है जिसे पहले पेपर लीक के चलते रद्द कर दिया गया था. अब सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया है, जिससे अभ्यर्थियों को एक बार फिर अपनी तैयारी दिखाने का अवसर मिलेगा.

पेपर लीक के चलते रद्द हुई थी परीक्षा: दरअसल 21 सितंबर 2025 को प्रदेश में स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित की गई थी. लेकिन परीक्षा के दौरान ही प्रश्न पत्र के कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे. इस घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया था. बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए. मामला बढ़ता देख सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा और आखिरकार परीक्षा रद्द कर दी गई थी.

सीएम धामी ने दिए थे सीबीआई जांच के आदेश: इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री को भी सामने आना पड़ा था और मामले की जांच के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए गए थे. इसके बाद से ही अभ्यर्थियों के बीच नई परीक्षा तिथि को लेकर असमंजस बना हुआ था. युवा लगातार मांग कर रहे थे कि जल्द से जल्द नई तारीख घोषित की जाए, ताकि उनकी तैयारी बेकार न जाए.

अब 17 मई को होगी स्नातक स्तरीय परीक्षा: अब आयोग ने इस दिशा में कदम उठाते हुए नई तारीखों की घोषणा कर दी है. तकनीकी पदों के लिए परीक्षा 3 मई को आयोजित की जाएगी, जबकि अन्य पदों के लिए 17 मई की तारीख तय की गई है. इस बार परीक्षा को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं.

पेपर लीक और नकल रोकने के लिए सीबीटी मोड में होगी परीक्षा: आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा टैब आधारित (CBT मोड) में आयोजित की जाएगी, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना को काफी हद तक रोका जा सके. इस भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य के विभिन्न विभागों में कुल 57 पदों को भरा जाना है. इन पदों के लिए कुल 5,872 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है. दिलचस्प बात यह है कि सबसे अधिक आवेदन तकनीशियन और सर्वेयर पदों के लिए आए हैं, जिससे इन पदों पर सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी.

परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी: आयोग द्वारा नई तारीख घोषित करने से पहले सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियों को पूरा किया गया है. परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, डिजिटल सुरक्षा और निगरानी तंत्र को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है. इसके अलावा अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने.

पेपर लीक जैसी घटनाओं ने पहले ही भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे. ऐसे में इस बार आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा आयोजित करना है. यही कारण है कि इस बार तकनीक का अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है और हर स्तर पर सख्ती बरती जा रही है.

अभ्यर्थियों को निष्पक्ष परीक्षा होने की उम्मीद: वहीं अभ्यर्थियों के लिए भी यह समय बेहद महत्वपूर्ण है. जो छात्र पहले परीक्षा में शामिल हुए थे, उन्हें अब दोबारा अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने का मौका मिला है. कई अभ्यर्थियों का कहना है कि भले ही परीक्षा रद्द होने से उन्हें मानसिक और समय का नुकसान हुआ, लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि इस बार परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आयोजित होगी.

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है. अगर परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा नहीं रहेगा तो इसका सीधा असर प्रतिभाशाली युवाओं के मनोबल पर पड़ेगा. नई तारीखों की घोषणा से जहां एक ओर अभ्यर्थियों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आयोग के लिए यह एक बड़ी परीक्षा भी है. अब देखना होगा कि इस बार परीक्षा कितनी सफल और विवाद मुक्त रहती है.

 

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