रोड पर विलाप करती हुई सपना बार-बार यही कह रही थीं कि मुंबई में कड़ी मेहनत और संघर्षों के बलबूते कुछ ही साल में काफी नाम और शोहरत कमाई है लेकिन अब जब सुंदर-सलोने, शालीन इकलौते किशोर बेटे को ही जालिमों ने हत्या कर बेवक्त ही उनकी गोद से छीन लिया है तो नाम और शोहरत का अब क्या करूंगी? यह सब तो अब मिट्टी में मिल गया है। अब तो मेरी जिंदगी का मक़सद बेटे के हत्यारों को कानून के शिकंजे में फंसवाकर कोर्ट की मदद से सख्त से सख्त सजा दिलवाने का ही है। प्रदर्शनकारी सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम लेकर इंसाफ की गुहार लगाते भी देखे गए।