03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

न्याय की लड़ाई में साथ खड़ीं ज्योति अधिकारी, अंकिता भंडारी के माता-पिता को सौंपा सहयोग

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

एफएनएन, पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड की चर्चित ब्लॉगर ज्योति अधिकारी शुक्रवार को पौड़ी पहुंचीं. उन्होंने अंकिता भंडारी के गांव जाकर उनके माता-पिता से मुलाकात की. इसकी जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा की.

ब्लॉगर ज्योति अधिकारी अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलीं: ज्योति अधिकारी ने बताया कि अंकिता के परिजन पिछले चार वर्षों से न्याय के लिए भटक रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है. उन्होंने कहा कि अंकिता की घटना को लेकर उन्हें गहरा दुख है और वह पूरे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती हैं. वह हर परिस्थिति में अंकिता के परिवार के साथ खड़ी हैं और आज उनसे मिलकर उनका दुख बांटने का प्रयास किया.

ज्योति अधिकारी ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर लोग परिवार और उनके घर को लेकर कई तरह की बातें करते हैं, लेकिन जब वह खुद उनके घर पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि परिवार किन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा है. उन्होंने कहा कि परिवार की एक ही मांग है, अंकिता को न्याय मिले. इस लड़ाई में वह आगे भी परिवार के साथ खड़ी रहेंगी.

ज्योति अधिकारी ने मुलाकात के बारे में बताया: चर्चित ब्लॉगर ज्योति अधिकारी ने अंकिता के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और काफी देर तक परिवार के साथ बैठकर बातचीत की. ज्योति अधिकारी ने बताया कि वह पहले भी अंकिता के परिवार से मिलना चाहती थीं, लेकिन कुछ कारणों से यह संभव नहीं हो पाया था. मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि अंकिता की माता सोनी देवी की तबीयत इन दिनों काफी खराब चल रही है. इस कारण परिवार पहले से ही मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान है.

सोशल मीडिया के माध्यम से इकट्ठा हुए पैसे अंकिता के माता-पिता को सौंपे: इस दौरान ज्योति अधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के सहयोग से एकत्र की गई धनराशि अंकिता के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में सौंपी. ज्योति अधिकारी ने आरोप लगाया कि- अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने पर मुझे छह दिन जेल में भी रहना पड़ा था. अंकिता का परिवार पिछले चार वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिल पाया है. मैं आश्वासन देती हूं कि आगे भी अंकिता के परिजनों के साथ खड़ी रहूंगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करती रहूंगी. यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज की, बेटियों की सुरक्षा और न्याय की लड़ाई है. -ज्योति अधिकारी, ब्लॉगर-

अंकिता भंडारी के पिता ने की ये मांग: अंकिता हत्याकांड को लेकर एक बार फिर पीड़ित परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं. अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि- हमें जानकारी मिली है कि मामले में सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘वीआईपी’ की पहचान उजागर करना है. घटना के दिन यमकेश्वर की विधायक रेणु बिष्ट की कॉल डिटेल पूरी तरह निकाली जानी चाहिए. साथ ही जिन-जिन भाजपा से जुड़े लोगों के नाम कथित वीआईपी के तौर पर सामने आ रहे हैं, उन सभी की कॉल डिटेल और लोकेशन भी जांची जानी चाहिए. इससे साफ हो जाएगा कि घटना के दिन और उसके आसपास ये सभी लोग कहां मौजूद थे.-वीरेंद्र भंडारी, अंकिता के पिता-

अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने मांग की कि जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाया न जाए, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके और सच सामने आ सके.

कौन हैं ज्योति अधिकारी? ज्योति अधिकारी उत्तराखंड की ब्लॉगर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हैं. बीते दिनों वो अंकिता भंडारी मामले को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन में पहुंची थीं. इस दौरान उन्होंने खुलेआम दरांती लहराई थी. पहाड़ी महिलाओं के लिए कथित रूप से अपशब्द कहे थे. ऐसा भी आरोप लगा कि ज्योति ने लोक देवताओं के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए थे. इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर ज्योति से पूछताछ कर उन्हें हिरासत में ले लिया था. कोर्ट से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी.

क्या है अंकिता भंडारी मर्डर केस? अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में सितंबर 2022 में हुआ एक चर्चित मर्डर केस है. वनंतरा रिसॉर्ट की 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता की हत्या कर दी गई थी. मुख्य आरोपी पुलकित आर्या जिसके पिता तब बीजेपी के नेता थे, ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अंकिता भंडारी को चीला नहर में फेंक दिया था. ऐसे आरोप हैं कि अंकिता भंडारी द्वारा कथित VIP को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने से मना करने पर उसकी हत्या की गई थी. इस मालिक में वनंतरा रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्या, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को अरेस्ट किया गया था. कोटद्वार की कोर्ट ने मई 2025 में इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

पिछले दिनों बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर की बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ था. उसमें कथित रूप से किसी वीआईपी का जिक्र किया गया था. तब से उस वीआईपी को गिरफ्तार करने और सजा दिलाने की मांग मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और अन्य सामाजिक संगठन कर रहे हैं. ऐसे ही एक प्रदर्शन के दौरान ज्योति अधिकारी ने दरांती लहराई थी. उसी दौरान उन पर विवादित आरोप लगे थे.

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img