Friday, March 13, 2026
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Homeराज्यउत्तर प्रदेशदेखें, कहां किसानों की कैद में 12 घंटे रहे चीनी मिल अधिकारी,...

देखें, कहां किसानों की कैद में 12 घंटे रहे चीनी मिल अधिकारी, इस आंदोलन के बाद कुछ बनी बात

  • लखीमपुर खीरी में किसान गन्ना बकाया को लेकर 11 दिनों आंदोलन कर रहे थे। किसानों की जब बात सुनी नहीं गई, तो उन्होंने चीनी मिल के सभी गेटो में किसानी ताला जड़ दिया। और 12 घंटे तक अफसर और कर्मचारियों को कैद कर रखा। आंदोलन के इस उग्र रूप को देखकर मिल प्रशासन हलकान हुआ, किसानों से बातचीत करने को राजी हुआ और कुछ बात बन सकी।

अब्द़ुल सलीम खान लखीमपुर खीरी : एक ही चीनी मिल पर गन्ना किसानों के 238 करोड बकाया में से जब चीनी मिल ने ने आदोंलनरत किसानों को महज 10 करोड़ देकर किसानों को टरकाना चाहा, तो आंदोलनरत किसान आक्रोशित हो गए उन्होंने फैसला किया कि अब चीनी मिल के सभी गेटों पर किसान धरना देंगे ना कोई अंदर जाएगा और ना ही कोई बाहर आएगा हालांकि हालांकि जब शाम की शिफ्ट में मजदूर काम खत्म कर चुके तो किसानों ने उन्हें जरूर बाहर आने दिया कहा यह सब किसानों के ही भाई बेटे हैं।

बजाज चीनी मिल ग्रुप की खंभारखेड़ा इकाई पर किसानों के 228 करोड़ के बकाया को लेकर किसान राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले पिछले 11 दिनों से धरना दे रहे थे। जिलाध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा , शाहजहांपुर जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह संधू , पूरनपुर तहसील अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने शारदा बैराज पर जल सत्याग्रह करने की शपथ ली , श्रीकृष्ण वर्मा , अमरजीत सिंह संधू , गुरप्रीत सिंह के साथ सैकड़ों किसान 15 किलोमीटर पैदल चलकर शारदा बैराज पर जल सत्याग्रह को पहुंच गए । देर रात लगभग 12 बजे एडीएम अरूण कुमार सिंह , एडिशनल एसपी अरूण कुमार ने किसानों को खातों में 1 सितंबर को 30 करोड़ रूपए दिलाने का आश्वासन दिया । जिससे संगठन ने जल सत्याग्रह टालकर चीनी मिल के समक्ष चल रहे धरने पर वापस आकर बैठ गए ।

  • मिल के वादे पर खरे न उतरने पर गेट पर किसानों ने डाले थे ताले

चीनी मिल के मैनेजमेंट ने डीएम , एडीएम के आश्वासन के बाद पर 1 सितंबर को 30 करोड़ रूपए न दिए जाने से नाराज़ धरने पर नियुक्त की गई 9 सदस्यीय कमेटी और किसानों में नाराजगी होने से 2 सितंबर को चीनी मिल गेट पर बैठकर चीनी मिल के सभी छः गेटों पर तालाबंदी कर दी । चीनी मिल प्रबंधन और जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल गए जिसके चलते चीनी मिल ने तत्काल 10 करोड़ रूपए किसानों के खातों में डाल दिया। लेकिन किसान नेता और हजारों किसान 30 करोड़ रूपए डाले जाने पर अड़े रहे , मिल प्रशासन और मध्यस्थता करने पहुंचे एसडीएम से हुई वार्ता भी विफल रही । रात आठ बजे किसान नेता श्री कृष्ण वर्मा की अगुवाई में आंदोलनरत किसानों ने मिलकर छह गेट पर अपना ताला जड़ दिया, और किसी भी चीनी मिल अधिकारी और वर्कर को बाहर नहीं आने दिया । इस बीच मिल में 2:00 बजे से शिफ्ट पर काम आने वाले वर्कर्स ने मिल गेट के बाहर खड़े होकर अपनी अटेंडेंस लगाकर व्हाट्सएप से अपने अफसरों को भेज दी ।

  • दरे रात अफसरों ने लिया संज्ञान, तब की मध्यस्थता

इधर मिल गेट पर ताला लगा होने से अंदर कर्मचारी परेशान होने लगे। देर रात को प्रशासन ने दखल दिया और एक बार फिर मिल अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की । राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा के मुताबिक मिल प्रबंधतंत्र ने 5 सितंबर तक 10 करोड़ और 15 सितंबर को 10 करोड़ का भुगतान करने का वादा किया है । शेष दो सौ करोड़ भुगतान चीनी मिल चलने से पहले 30 नवंबर तक कर दिया जाएगा। रात करीब 2:00 बजे मिल गेट के ताले खोले गए तब कर्मचारी बाहर आए श्री कृष्ण वर्मा ने बताया आंदोलन अभी स्थगित कर दिया गया है अगर वादे के मुताबिक भुगतान नहीं किया तो इस बार बड़ा आंदोलन होगा।

 

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