एफएनएन, रुद्रपुर : चुनाव भले अभी दूर हों… लेकिन रम्पुरा में जो तस्वीर सामने आई है… वो साफ बता रही है कि सियासत अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है। दुर्गा मंदिर के पास…सैकड़ों लोगों की भीड़… हर हाथ में भगवा झंडा… और हर जुबान पर एक ही नारा—“जय श्रीराम!” ये सिर्फ एक रैली नहीं थी…
ये आस्था, उत्साह और शक्ति का एक ऐसा प्रदर्शन था…जिसने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया। डीजे पर गूंजते भक्ति गीत… “जो राम को लाए हैं…” की धुन पर झूमते युवा…चेहरों पर जोश, आंखों में चमक…
मानो पूरा रम्पुरा एक ही रंग में रंग गया हो—भगवा रंग! इसके बाद जब रैली निकली…तो सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब अपने आप में एक संदेश दे रहा था— कि अब मैदान तैयार हो रहा है। विधायक शिव अरोरा का भव्य स्वागत हुआ… कहीं फूलों की बारिश… तो कहीं समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठाकर अपना प्यार जताया। अपने संबोधन में शिव अरोड़ा ने रम्पुरा की पहचान को शांति, सौहार्द और सनातन मूल्यों से जोड़ते हुए कहा— “रम्पुरा ने हमेशा शहर को जोड़ने का काम किया है, और आगे भी ये परंपरा जारी रहेगी।
” हालांकि उनके भाषण में सियासी तेवर भी दिखे… और विपक्ष पर सीधा निशाना भी साधा गया… लेकिन इस पूरे आयोजन का केंद्र बना— सनातन आस्था और जनसमर्थन का प्रदर्शन।
तालियों की गूंज और नारों की आवाज ये साफ बता रही थी… कि जनता सिर्फ देख नहीं रही… बल्कि अब खुलकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। रम्पुरा की ये तस्वीर एक संकेत है— कि आने वाले समय में यहां
आस्था और सियासत… दोनों का संगम और तेज होने वाला है।





