Thursday, February 12, 2026
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केएलए के टिप्स से दौड़ेगा यूपी में चावल निर्यात, कंपनी ने लखनऊ में साझा किया फार्मूला

एफएनएन, रुद्रपुर : कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के लिए यूपी सरकार और यूपी में कृषि उद्योग से जुड़े लोग अब रुद्रपुर की चावल निर्यातक कंपनी केएलए इंडिया लिमिटेड से सीख लेकर निर्यात बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। लखनऊ में आयोजित एक गोष्ठी में केएलए के एमडी अरुण अग्रवाल और डायरेक्टर अशोक अग्रवाल को निर्यात बढ़ाने के लिए सुझाव देने के लिए विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया। जिसमें उन्होंने कृषि उत्पदों को निर्यात से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव देने के साथ ही अपने अनुभव भी साझा किये।

लखनऊ के ताज महल होटल में फिनटेक कृषि कंपनी फारमार्ट की ओर से आयोजित विशेष गोष्ठी में उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, मुख्यमंत्री के इकोनॉमिक्स सलाहकार डा. वी. के. राजू , फारमार्ट के वरिष्ठ अधिकारी ,किसान , आढती, फ्लोर मिल के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजमेर सिंह छीना,सचिव विनय शुक्ला, अश्वनी कुमार पीलीभीत ,दाल मिल अध्यक्ष ,उत्तराखंड के स्वास्तिक एग्रो प्रोडक्ट इंटरप्राइजेज के डायरेक्टर शिवम गोयल एवं कृषि उद्योग से जुड़े तमाम लोग मौजूद रहे। गोष्ठी में किसान ,आढती, राइस मिल, फ्लोर मिल ,दाल मिल को निर्यात से कैसे कैसे जोड़े के बारे में विस्तृत चर्चा हुई।

गोष्ठी में विशेष वक्ता के रूप में उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी चावल निर्यातक कंपनी केएलए इंडिया पब्लिक लिमिटेड के एमडी अरूण अग्रवाल और डायरेक्टर अशोक अग्रवाल ने निर्यात से कृषि उद्योग को कैसे जोड़ा जाए के बारे में विस्तृत रूप अपने सुझाव दिये। केएलए के एमडी अरूण अग्रवाल ने कंपनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी साथ ही अपने अनुभव भी बताये। उन्होंने बताया कि केएलए कंपनी वर्तमान में 50 से अधिक देशों को निर्यात कर रही है। उन्होंने कहा यह कड़ी मेहनत और सुनियोजित ढंग से काम करने के चलते ही संभव हुआ है।

डायरेक्टर अशोक अग्रवाल ने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि जैसे उत्तराखंड से बड़े पैमाने पर चावल निर्यात हो रहा है और पंतनगर विश्वविद्यालय के साथ तकनीकी सहयोग करके जिस तरह उत्तराखंड अपना कृषि निर्यात बढ़ा रहा हैं ,उसी तरह उत्तर प्रदेश भी अपना कृषि का निर्यात उच्च गुणवत्ता के चावल, गेहूं, दाल व अन्य जिंसों का निर्यात बढ़ा सकता हैं । उन्होंने कहा कि इसमें सप्लाई ड्राईव इकोनॉमी के बदले डिमांड ड्राईव इकोनॉमी पर कृषि को शिफ्ट करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि फारमार्ट कंपनी, आधुनिक तकनीक जिसको एप टेक्नोलॉजी भी कहते हैं ,उसके द्वारा नेटवर्किंग करके किसान, मिलर को और निर्यातक को एक सूत्र में लाने के लिए एक प्लेटफार्म बना रही है, ताकि सबको पारदर्शी रूप से व्यापर संबंधित जानकारी उपलब्ध हो और हमारा एक ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य पूरा हो सके । फारमार्ट के सीनियर अधिकारी नितिन पुरी और शरद कुमार ने कंपनी की कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला और सभी का आभार व्यक्त किया।

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