एफएनएन, उत्तराखंड : Pantnagar गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के पटेल भवन छात्रावास में बुधवार रात बड़ी संख्या में छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। भोजन करने के कुछ समय बाद 150 से अधिक छात्रों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उन्हें तत्काल विश्वविद्यालय चिकित्सालय पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, छात्रावास में रहने वाले छात्रों के लिए बुधवार को विशेष भोजन की व्यवस्था की गई थी। शाकाहारी छात्रों को पनीर जबकि मांसाहारी छात्रों को चिकन के साथ अन्य खाद्य पदार्थ परोसे गए थे। रात में भोजन करने के करीब एक से दो घंटे बाद कई छात्रों की तबीयत खराब होने लगी और देखते ही देखते बीमार छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था शुरू की। छात्रों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से विश्वविद्यालय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार, दवाइयां और जरूरत पड़ने पर ग्लूकोज चढ़ाकर उनका इलाज किया। अधिकांश छात्रों की हालत में सुधार बताया गया है, जबकि दो छात्रों को बेहतर उपचार के लिए रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया।
छात्रों का आरोप है कि मेस की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। उनका कहना है कि पूर्व में भोजन में कीड़े मिलने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।
घटना ऐसे समय हुई है जब विश्वविद्यालय में परीक्षा सत्र चल रहा है। छात्रों का कहना है कि अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण कई विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षाएं प्रभावित हो सकती हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित फूड सर्विस कॉन्ट्रेक्टर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है, जो बीमारी के वास्तविक कारणों की पड़ताल करेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के बीमार होने की वजह क्या थी। फिलहाल सभी प्रभावित छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।







