
एफएनएन, हरियाणा : हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है. सदन में कानून-व्यवस्था को लेकर हुए गतिरोध के बाद आज विपक्ष के विरोध की संभावना जताई जा रही है. कांग्रेस पार्टी पहले ही इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी के जवाब से असंतुष्ट नजर आई है. माना जा रहा है कि आज की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस फिर से हंगामा कर सकती है.
कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी ने जलभराव का मुद्दा उठाया
सवाल: मुलाना से कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी ने अंबाला में जलभराव का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई नहीं होने से बारिश का पानी घरों और खेतों में जा रहा है. उन्होंने पूछा कि नदियों की पिछली खुदाई कब हुई थी और हर साल नदियों की सफाई के लिए क्या नियम निर्धारित किए गए हैं?
जवाब: सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि ऐसे हालात हरियाणा में पहली बार हुए हैं. सरकार इस पर काम कर रही है. जल्द ही इस पर काम किया जाएगा. मारकंडा नदी में पानी इस बार जल्दी आ गया है, इस कारण से काम रोकना पड़ा. सरकार ने जो काम शुरू किए हैं. वो पहली बार प्रदेश में किए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री के जवाब से भड़का विपक्ष
कानून-व्यवस्था पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने अपने जवाब में कांग्रेस शासनकाल (2005-2014) की तुलना मौजूदा भाजपा सरकार से की. उन्होंने पिछली सरकार के समय हुए बड़े अपराधों का हवाला दिया. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया. सीएम सैनी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ये सच सुन नहीं सकते.” इस बयान के बाद कांग्रेस के तेवर और तीखे हो गए. आज भी यह मुद्दा गरमाया रह सकता है.
सत्र के अंतिम दिन दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए गए हैं. पहला प्रस्ताव इनेलो विधायकों आदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला ने कलेक्टर रेट में वृद्धि को लेकर लगाया है. दूसरा प्रस्ताव कांग्रेस विधायक इंदूराज सिंह नरवाल ने राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ भेदभाव को लेकर दिया है. कार्य के सीमित होने की वजह से संभावना है कि आज की कार्यवाही एक ही बैठक में पूरी कर ली जाए.
पहला दिन: मनीषा कांड पर भारी हंगामा
सत्र की शुरुआत शोक संदेशों के साथ हुई, लेकिन प्रश्नकाल शुरू होते ही मनीषा की संदिग्ध मौत को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया. कांग्रेस ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के पोस्टर लेकर वेल में विरोध जताया. इस कारण सदन की कार्यवाही चार घंटे में छह बार स्थगित करनी पड़ी.
दूसरा दिन: CET पर सवाल, पूर्व विधायकों के लिए भत्ता
कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट की प्रक्रिया और पेपर लेवल पर कांग्रेस ने सवाल उठाए. मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि यूट्यूब वीडियो में गड़बड़ी नजर नहीं आई, सुधार के लिए दो दिन में पोर्टल खोला जाएगा. साथ ही पूर्व विधायकों को ₹10,000 का मेडिकल अलाउंस देने वाला संशोधन विधेयक पारित हुआ. 1984 सिख दंगों में मारे गए 121 लोगों के परिजनों को नौकरी देने की घोषणा भी की गई.
तीसरा दिन: वॉकआउट और ज़ीरो ऑवर में तीखे सवाल
सीएम के जवाब के विरोध में कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया. हुड्डा ने कहा, “आप सदन की गरिमा रखें.” जवाब में CM सैनी ने दो टूक कहा, “इनकी आदत बन गई है सदन छोड़ने की.”
कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने सीएम हाउस के रास्ते में गड्ढों की बात उठाई और 2500 मकानों को मालिकाना हक देने की मांग की. भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने शादी के लिए माता-पिता की अनुमति अनिवार्य करने का कानून लाने की मांग की.

