03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

दो एसआईआर फॉर्म भरने पर होगी कानूनी कार्यवाही

Spread the love

एफएनएन, उत्तराखंड : उत्तराखंड में मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन ने बड़ा स्पष्ट संदेश दिया है। यदि किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर मतदाता सूची में पाया जाता है या वह दो जगह से एसआईआर फॉर्म भरता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह प्रावधान सीधे तौर पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 में मौजूद है, जिसके तहत मिथ्या सूचना देने या दोहरी प्रविष्टि छिपाने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं, जिनके वोट गांव की मतदाता सूची में भी शामिल हैं और शहर में भी। अक्सर देखा गया है कि लोग नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से दूसरे शहर में रहने लगते हैं, लेकिन पुराने स्थान की वोटर लिस्ट में से नाम हटवाना भूल जाते हैं। अब एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अगर ऐसे मतदाता दोनों स्थानों से फॉर्म भरते हैं, तो यह कानून का उल्लंघन माना जाएगा।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-31 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति मतदाता सूची के संबंध में गलत जानकारी देता है या यह छुपाता है कि उसका नाम पहले से किसी अन्य मतदाता सूची में शामिल है, तो उसे एक साल तक की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। यही नहीं, यदि व्यक्ति दो जगह से एसआईआर फॉर्म भरता है तो भी उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। चुनाव आयोग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण अत्यंत आवश्यक है, इसलिए किसी प्रकार की गलत सूचना या दोहरी प्रविष्टि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि मतदाताओं को स्वयं भी जिम्मेदारी दिखाते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका नाम केवल उस स्थान की मतदाता सूची में शामिल हो, जहां वे वास्तव में रहते हैं।

यदि किसी का नाम दो जगह दर्ज है, तो उसे तुरंत एक स्थान से नाम हटवाने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। इससे चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहती है। बता दे कि चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए एसआईआर और अन्य प्रक्रियाएं चलाता रहता है, ताकि फर्जी वोटिंग, दोहरी प्रविष्टि और गलत जानकारी देने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। यह नया सख्त रुख चुनाव प्रक्रिया को और मजबूत और विश्वसनीय बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई से बचने के लिए किसी एक जगह से मतदाता सूची से नाम हटवाना होगा। इसके लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट पर वोट डिलीट कराने का विकल्प मौजूद है। आप सीधे वेबसाइट पर जाकर फॉर्म-7 भरकर ऑनलाइन सबमिट करा सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका नाम उस विधानसभा से हटा दिया जाएगा। चूंकि उत्तराखंड में अभी एसआईआर की घोषणा नहीं हुई, इसलिए फिलहाल ये काम कराया जा सकता है।

Hot this week

केद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपने पद से दिया इस्तीफा

एफएनएन, दिल्ली : केद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने...

Udham Singh Nagar पुलिस में बड़ा फेरबदल ! SSP अजय गणपति ने 18 अधिकारियों के किए तबादले

एफएनएन, रुद्रपुर : Udham Singh Nagar में कानून-व्यवस्था को और...

Topics

केद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपने पद से दिया इस्तीफा

एफएनएन, दिल्ली : केद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने...

Rudrapur में 9.5 लाख की साइबर ठगी ! म्यूल अकाउंट का बड़ा खुलासा

एफएनएन, रुद्रपुर : Rudrapur उत्तराखंड के रुद्रपुर में साइबर...

Uttarakhand में सड़क हादसों पर बड़ा फैसला ! अब 112 से जुड़ेगी हर इमरजेंसी सेवा

एफएनएन, उत्तराखंड : Uttarakhand में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान...

UTU Exam Paper लीक मामला: सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार, मचा हड़कंप

एफएनएन, देहरादून : UTU Exam Paper उत्तराखंड में परीक्षा...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img