Friday, March 13, 2026
03
20x12krishanhospitalrudrapur
IMG-20260201-WA0004
previous arrow
next arrow
Shadow
Homeराज्यदिल्लीजितनी तेज है कोरोना की दूसरी लहर उसी रफ्तार से कम भी...

जितनी तेज है कोरोना की दूसरी लहर उसी रफ्तार से कम भी होगी !

एफएनएन, नई दिल्ली : कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान देश में दैनिक संक्रमितों की संख्या 4.12 लाख तक पहुंच चुकी है। मौतों का आंकड़ा भी कई गुना हो गया है। अभी हर्ड इम्युनिटी की बात बेमानी है, क्योंकि एक तरफ जहां कोरोना वायरस में बदलाव हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ टीकाकरण की रफ्तार भी धीमी पड़ने लगी है। दुनिया के कई देशों में दूसरी लहर आकर गुजर चुकी है, लेकिन इतनी तेज कहीं नहीं रही। आइए जानते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर किस प्रकार तेज हुई और कैसे खत्म हो सकती है..

तोड़नी होगी संक्रमण की शृंखला: मार्च के मध्य में देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में तेजी आई। दैनिक मामलों को सितंबर में आए सर्वाधिक (करीब 97 हजार) के रिकॉर्ड को पार करने में एक महीने से भी कम का समय लगा। पिछली लहर के सर्वाधिक मौतों का रिकॉर्ड भी करीब डेढ़ महीने के भीतर टूट गया। महामारी में घातक तेजी और गिरावट के सिद्धांतों के अनुसार, जितनी तेजी से मामलों में इजाफा हुआ है, उतनी ही तेजी से इसमें गिरावट भी आएगी। लेकिन, यह तभी संभव होगा जब संक्रमण की शृंखला को तोड़ा जाए, टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए व सतर्कता बरती जाए।

संक्रमण का सबसे खतरनाक दौर: कोरोना की लहरों का अध्ययन टुकड़ों में किया जाता है। जब कुछ ही दिनों में मामले दोगुने होने लगें तो उसे घातक दौर कहा जाता है। जब मामले तेजी से कम होने लगते हैं तो उसे तीव्र गिरावट कहा जाता है। इसके बाद संक्रमण लंबे समय तक छोटे स्तर पर बना रहता है। पिछले अक्टूबर में अमेरिका में दूसरी घातक लहर आई। जब वहां टीकाकरण अभियान तेज हुआ तब मामलों में तेजी से गिरावट आने लगी।

भारत में घातक साबित हुई लापरवाही: पहली लहर के बाद जब मामले कम होने लगे तो प्रतिबंधों में ढील दी जाने लगी। तब लोग लापरवाह हो गए और मास्क लगाना व शारीरिक दूरी जैसे नियमों को ताक पर रख दिया। यहां तक कि जब पिछले साल नए वैरिएंट आए और दूसरे देशों में कहर बरपाने लगे तब भी लोग सचेत नहीं हुए। टीकाकरण की गति तेज किए बिना हर्ड इम्युनिटी हासिल करना अथवा सामान्य स्थिति में लौटना सपने की तरह है।

इजरायल में प्रभावी रहा कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान: इजरायल दुनिया के उन चंद देशों में शुमार है, जिन्होंने कोरोना की लहर को चरम पर पहुंचने से पहले ही उस पर काबू पा लिया। वहां अप्रैल मध्य से दैनिक मामले 200 से भी कम हो गए हैं। यह उसके तेज टीकाकरण अभियान का नतीजा है। इजरायल में 58.5 फीसद आबादी को दोनों खुराक दी जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 अभी पूरी तरह खत्म नहीं होने जा रही है, लेकिन महामारी के अंत में इसमें तेज गिरावट आएगी और महज कुछ मामले ही रोजाना आया करेंगे।

संभले नहीं तो बढ़ सकते हैं मामले: अब भी अगर लोगों ने सतर्कता नहीं बरती तो दैनिक मामलों से लेकर मौतों तक में और इजाफा हो सकता है। अमेरिका स्थित मिशिगन यूनिवर्सिटी का आकलन है कि भारत में दैनिक संक्रमितों का आंकड़ा 8-10 लाख तक जा सकता है। हालांकि, उसने यह नहीं बताया है कि ऐसा कब हो सकता है। एसबीआइ की स्टडी रिपोर्ट बताती है कि दैनिक संक्रमितों का आंकड़ा मई के तीसरे सप्ताह में 6-8 लाख हो सकता है।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments