एफएनएन, किच्छा: (आईएसडी) द्वारा टाटा मोटर्स के सहयोग से सितारगंज, रुद्रपुर एवं गदरपुर के चयनित ग्रामों एवं प्राथमिक विद्यालय, उच्चतर प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में वृहद वृक्षारोपण का कार्य किया गया। इस दौरान संस्था द्वारा सितारगंज के देवकली गांव में 294 फलदार वृक्ष एवं मृदा कटाव को रोकने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के खेतों के किनारे 150 टूंडला, न्यूटन एवं लाठी बांस की प्रजातियां के पौधों का रोपण किया।
इसके अलावा गदरपुर के कुल्हा ग्राम पंचायत, रुद्रपुर के शांतिपुरी, जवाहर नगर, सैजनी में तथा सितारगंज के देवकली ग्राम में कुल 856 फलदार वृक्षों का रोपण किया। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय गदरपुर नंबर वन, अलखदेवा, लंबाखेड़ा, दिनेशपुर नंबर 1, शिवपुरी, सरदार नगर, खटोला, कुल्हा, पिपलिया, जगदीशपुर, ढाई नंबर कोपा, मोहनपुर नंबर 1, हरदासपुर, खेड़ा, ट्रांजिट कैंप, रूद्रपुर, महाराजपुर, किच्छा में कुल 18 प्राथमिक विद्यालयों एवं बरखेड़ा उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं शांतिपुरी नंबर दो कन्या जूनियर हाई स्कूल इंटर कॉलेज बागवाला एवं शांतिपुरी नंबर 2 में कुल 360 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।

इस दौरान संस्था की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी ने बताया कि हरेले पर्व के अवसर पर वृहद वृक्षारोपण का अभियान चलाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालयों में पौधों की देखरेख एवं सुरक्षा के लिए विद्यार्थियों की टोली बनाकर पौधों का दायित्व देने का अनुरोध मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं विद्यालय प्रशासन से किया गया। कार्यक्रम के दौरान टाटा के सीएसआर मैनेजर प्रीतम मोतीलाल ने समुदाय एवं विद्यार्थियों को प्रकृति मां के अनुकूल व्यवहार कर प्रकृति का संरक्षण करने के लिए प्रेरित किया। संस्था के अध्यक्ष डॉ अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वर्षा ऋतु का आगमन पेड़ पौधों के लिए पुनर्जीवन काल जैसा होता है, प्रकृति हर ओर हरी भरी हो जाती है।

हमारा भी दायित्व है कि ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को कम करने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें शहरी क्षेत्र में बेकार प्लास्टिक के डिब्बो, बड़े प्लास्टिक पाउच इत्यादि में तुलसी, लेमनग्रास, कड़ी पत्ता आदि लगाया जा सकता है। इस मौके पर आईएसडी संस्था से रविंद्र कुमार वर्मा एवं बिंद्रा तिवारी, टाटा मोटर्स से प्रीतम मोतीलाल पीरामल, निशा, ममता मेहरा, माया पांडा, मानसरोवरी, मीणा, मोहिनी, ग्राम प्रधान श्रीमती चंद्रकला, दीपा कांडपाल थे।
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