एफएनएन, हरिद्वार : Haridwar News उत्तराखंड के हरिद्वार में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ कहावत को सच साबित कर दिया। यहां एक बुजुर्ग महिला संतुलन बिगड़ने के कारण गंगनहर में गिर गई और तेज बहाव में करीब एक किलोमीटर तक बहती रही। हालांकि एक युवक की सतर्कता, पुलिस की तत्परता और महिला के साहस ने उसकी जान बचा ली।
घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। जटवाड़ा पुल के पास मौजूद अंकित चौधरी की नजर गंगनहर में बह रही एक महिला पर पड़ी। शुरुआत में उन्हें लगा कि पानी में कोई शव बह रहा है, लेकिन ध्यान से देखने पर महिला के शरीर में हलचल दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने बिना समय गंवाए पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही हरिद्वार पुलिस और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। रेगुलेटर पुल के पास पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने महिला की ओर रस्सी फेंकी, जिसे महिला ने मजबूती से पकड़ लिया। उफनती गंगनहर के बीच रस्सी के सहारे लटकी महिला को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं।
रेस्क्यू अभियान के दौरान कई स्थानीय युवक भी मदद के लिए आगे आए। दूसरी रस्सी के सहारे कुछ युवक गंगनहर में उतरे और महिला तक पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि महिला पूरे समय होश में थीं और उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
जानकारी के अनुसार बुजुर्ग महिला कनखल क्षेत्र की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि गंगा घाट पर उनका संतुलन बिगड़ गया था, जिसके बाद वह तेज बहाव में बहने लगीं। घटना के बाद महिला को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
ज्वालापुर के सीओ संजय चौहान ने बताया कि समय रहते सूचना मिलने के कारण पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि सूचना मिलने में थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंकित चौधरी की जागरूकता और जिम्मेदारी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं महिला के परिजनों ने अंकित चौधरी, स्थानीय युवकों और हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया।
कैसे बची महिला की जान?
विशेषज्ञों के अनुसार पानी में गिरने के बाद घबराहट अक्सर लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाती है। लेकिन इस बुजुर्ग महिला ने संयम बनाए रखा। उन्होंने अपने हाथ-पैर फैलाकर शरीर को ढीला छोड़ दिया, जिससे उनका संतुलन पानी की सतह पर बना रहा। इसके अलावा गहरी सांस लेकर फेफड़ों में हवा बनाए रखने से शरीर की उछाल बढ़ गई। उनके कपड़ों में भरी हवा ने भी उन्हें सतह पर बने रहने में मदद की। इसी कारण वह डूबने के बजाय लंबे समय तक पानी की सतह पर बहती रहीं और आखिरकार सुरक्षित बचा ली गईं।
इस साहसिक रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग अंकित चौधरी और हरिद्वार पुलिस की जमकर सराहना कर रहे हैं।







