Thursday, February 12, 2026
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हल्द्वानी बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला, सुप्रीम कोर्ट में 16 दिसंबर को मिली अगली तारीख

एफएनएन, हल्द्वानी : नैनीताल जिले के हल्द्वानी में स्थित बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि अतिक्रमण मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हुई. आज CJI की कोर्ट ने लगभग पूरे दिन किसी दूसरे मामले की सुनवाई की. जिसके कारण हल्द्वानी बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी.

बता दें इससे पहले आज हल्द्वानी बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले में फैसला आने की उम्मीद को देखते हुए कानून व्यवस्था को चौक चौबंद किया गया था. पुलिस प्रशासन ने बनभूलपुरा को छावनी में तब्दील किया. जनपद पुलिस के साथ साथ अन्य जनपदों से फोर्स को अतिक्रमण वाले क्षेत्र में तैनात किया गया. इसके अलावा खुफिया तंत्र, ड्रोन कैमरा और सीसीटीवी कैमरों से क्षेत्र में निगरानी की जा रही है

बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला: हल्द्वानी के बनभूलपूरा स्थित लगभग 30 हेक्टेयर अतिक्रमण वाली भूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाना है. अतिक्रमण क्षेत्र बनभूलपुरा को पुलिस प्रशासन की ओर से छावनी में तब्दील किया गया है. अतिक्रमण क्षेत्र को चार सेक्टर में विभाजित किया गया है. लभगभ 500 पुलिस कर्मियों को इलाके में तैनात किया गया है.

50 हजार लोग होंगे प्रभावित: अतिक्रमण क्षेत्र में 3,660 पक्के और कच्चे मकान बने हुए हैं. इनमें 52 सौ से अधिक परिवार निवास करते हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हो सकते हैं. एहतियात के तौर पर जनपद पुलिस द्वारा सभी बैरियरों, मुख्य मार्गों व संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया हुआ है. सभी एंट्री–एग्जिट पॉइंट्स पर सघन चेकिंग अभियान चल रहा है. शहर के भीतरी हिस्सों में पैदल गश्त बढ़ाई गई है. चार ड्रोन कैमरों से पुलिस और रेलवे विभाग प्रत्येक हरकत पर नजर बनाए हुए है.

पहले 2 दिसंबर को आने वाला था आखिरी फैसला: अतिक्रमण की गई भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले 2 दिसंबर को अपना फैसला सुनाने वाला था. फैसले को देखते हुए प्रशासन ने सभी तैयारी भी कर ली थी. लेकिन किन्हीं कारणों से मामले में कोर्ट द्वारा 10 दिसंबर की डेट दी गई थी. एक बार फिर जनपद प्रशासन तैयारियों के साथ मैदान में उतरा है.

500 पुलिस कर्मियों के साथ अतिक्रमण क्षेत्र में किया फ्लैग मार्च: अतिक्रमण भूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पूर्व जिला और पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में पांच सौ पुलिस कर्मियों के साथ फ्लैग मार्च किया. इस दौरान पुलिस कर्मियों ने बनभूलपुरा क्षेत्रवासियों से अपील भी की कि कोर्ट का जो भी फैसला आए, उसका सम्मान किया जाए. पूरे मामले में प्रशासन पूरी नजर बनाए रखा है. अराजकतत्वों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा.

क्या है पूरा मामला: वर्ष 2022 में नैनीताल हाईकोर्ट में बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले में पीआईएल दायर की गई थी. जिसपर नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2023 में अतिक्रमण क्षेत्र से कब्जे हटाने का आदेश जारी किया गया था. प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए रेलवे विभाग के साथ संयुक्त रूप से अतिक्रमण को हटाने का प्रयास भी किया था. लेकिन विरोध और स्थानीय लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट की शरण ले ली गई थी. तब से मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. कयास लगाए जा रहे थे कि 2 दिसंबर को पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है. लेकिन कोर्ट द्वारा किन्हीं कारणों के चलते 2 दिसंबर की तारीख को टाल दिया गया. जिसके बाद मामले में अगली सुनवाई 10 दिसंबर यानी आज के लिए रखी गई थी.

पैरा मिलिट्री को रखा गया है रिजर्व: बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट अपना संभावित फैसला दे सकता है. इसके लिए प्रशासन ने लगभग सभी तैयारी पूरी कर ली हैं. तैनात पुलिस कर्मियों को हाईटेक हथियारों से लैस किया गया है. पूर्व में हुई उपद्रव की घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन ने पैरा मिलिट्री फोर्स को भी रिजर्व में रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.

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