Sunday, April 12, 2026
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दारोगा से लेकर मुंशी तक हर दिन पढ़ रहे भारतीय न्याय संहिता, एक जुलाई से इसी के तहत दर्ज होगी रिपोर्ट

एफएनएन, रुड़की:  एक जुलाई से भारतीय न्याय संहिता के तहत ही प्राथमिकी दर्ज की जाएंगी। इसको लेकर सभी थाने व कोतवाली में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। दारोगा से लेकर मुंशी तक भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम को पढ़ रहे हैं। साथ ही, थानों में नई धाराओं को लेकर साइन बोर्ड लगाने की भी तैयारी की जा रही है।

कोतवाल हो या विवेचक सभी की मेज पर कानून की मोटी-मोटी किताब रखी हुई हैं। थानों में रात या सुबह के समय होने वाली दारोगाओं एवं मुंशी की बैठक में कोतवाल हर दिन यही पूछ रहा है कि भारतीय न्याय संहिता में सामूहिक दुष्कर्म किस धारा के तहत लिखा जाएगा। पहले यह 376 डी में दर्ज किया जाता था। इसी तरह से दहेज हत्या से लेकर महिला अपराध की धाराओं को पूछा जा रहा है।

लंबे समय से विवेचना कर रहे दारोगाओं के दिलो दिमाग में तो अभी भी पुरानी ही धाराएं चल रही हैं। ऐसे में अधिकांश अपने जवाब गलत ही दे रहे हैं। ऐसे में सभी थाना प्रभारी निर्देश दे रहे हैं कि एक जुलाई से इसमें किसी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसलिए अभी से पूरी तैयारी कर लें। एक जुलाई के बाद मुकदमा दर्ज करने से लेकर उसकी विवेचना करने तक के तौर तरीके सब कुछ बदल जाएंगे।

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वहीं, थाना व कोतवाली में अब हिस्ट्रीशीटर, ग्राम चौकीदारों के नाम वाले साइन बोर्ड के साथ ही भारतीय न्याय संहिता में वर्णित मुख्य धाराओं का भी ब्यौरा अंकित कर उसको कोतवाली में लगाया जाएगा। इसको लेकर सभी तैयारियां की जा चुकी हैं। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि सभी को प्रशिक्षण दे दिया गया है। सभी थाना, कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता मौजूद है और एक जुलाई से उसके अनुसार ही कार्य होना है।

भारतीय न्याय संहिता के तहत धाराओं में यह हुआ बदलाव

यह हुआ बदलाव अब 1 जुलाई से

घर में चोरी का प्रयास 380 305

लूट 392 309 (4)

डकैती 395 310 (2)

हत्या के साथ डकैती 396 310 (3)

सामूहिक दुष्कर्म 376 डी 71

दहेज हत्या 304 बी 80

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