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तीन दिन के भीतर यमुनोत्री मार्ग पर पांच की मौत, कार्डिक एंबुलेंस की गुहार, सरकार नहीं तैयार

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एफएनएन, देहरादून : सरकार चारधाम तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। जनपद उत्तरकाशी की कार्डिक एंबुलेंस बीते दो वर्षों से दून मेडिकल कालेज में सेवाएं दे रही है, जबकि यहां तीर्थयात्री हार्ट अटैक से जान गंवा रहे हैं। जनपद का स्वास्थ्य विभाग कार्डिक एंबुलेंस को वापस मंगाए जाने के लिए निदेशालय से गुहार भी लगा चुका है। बावजूद इसके कार्डिक एंबुलेंस को वापस नहीं भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि एंबुलेंस मिल जाती है, तो इसे यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर तैनात किया जाएगा।

वर्ष 2019 में उत्तरकाशी को कार्डिक एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई थी। उक्त एंबुलेंस कुछ समय तक सीएचसी चिन्यालीसौड़ में तैनात रही, लेकिन जनपद में तकनीकी स्टाफ न होने के कारण इसका प्रयोग नहीं हो पाया। मार्च 2020 में कोरोना काल के दौरान उक्त कार्डिक एंबुलेंस को निदेशालय भेज दिया गया था।

तब से यह एंबुलेंस दून मेडिकल कालेज में सेवाएं दे रही हैं। जबकि जनपद में इस समय नितांत आवश्यकता बनी हुई है। चारधाम यात्रा के मात्र तीन दिनों के भीतर यमुुुनोत्री मार्ग पर पांच तीर्थ यात्रियों की हृदयगति रुकने से मौत हो चुकी है। यदि जनपद में कार्डिक एंबुलेंस उपलब्ध, हो जाए तो हार्ट अटैक से मौत के मामलों में कुछ कमी आ सकती है।

  • कार्डिक एंबुलेंस में मरीज को दिया जा सकता है प्राथमिक उपचार
हार्ट अटैक आने पर कार्डिक एंबुलेंस में मौजूद उपकरणों की सहायता से मरीज को प्राथमिक उपचार दिया जा सकता है। जनपद के स्वास्थ्य विभाग ने अगस्त 2020 में निदेशालय को पत्र भेज कार्डिक एंबुलेंस वापस उत्तरकाशी भेजे जाने का अनुरोध किया था, लेकिन निदेशालय ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पिछले दो वर्षों से उत्तरकाशी की कार्डिक एंबुलेंस दून मेडिकल कालेज में सेवाएं दे रही है। जनपद में तीर्थयात्री हार्ट अटैक से जान गंवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि कार्डिक एंबुलेंस वापस मिल जाती है, तो इसे यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर तैनात किया जाएगा।
  • अधिकारियों की बात
उत्तरकाशी के लिए आवंटित कार्डिक एंबुलेंस को वापस मंगाए जाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि उक्त एंबुलेंस जनपद को मिल जाएगी। मार्च 2020 को कार्डिक एंबुलेंस महानिदेशालय के निर्देशानुसार महानिदेशालय भेज दी गई थी। विभाग ने अगस्त 2020 को निदेशालय को पत्र भेज एंबुलेंस वापस उपलब्ध कराए जाने की मांग की थी।,लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई है।

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