एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand में राज्यसभा चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा के प्रत्याशी दिनेश आर्य का निर्विरोध निर्वाचित होना तय है, क्योंकि उनके सामने किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। शुक्रवार को नाम वापसी की समय सीमा पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
दिनेश आर्य के राज्यसभा पहुंचने के साथ ही उत्तराखंड की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। इसे कुमाऊं क्षेत्र के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भगत सिंह कोश्यारी के बाद करीब 12 साल के अंतराल पर कुमाऊं क्षेत्र से किसी नेता को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है।
निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ
राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने दिनेश आर्य को अपना प्रत्याशी बनाया था। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके अलावा किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया। ऐसे में उनके निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है।
शुक्रवार को नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन आयोग की टीम उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा करेगी। इसके साथ ही दिनेश आर्य उत्तराखंड से राज्यसभा पहुंचने वाले प्रतिनिधि बन जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पीआरओ रह चुके हैं दिनेश आर्य
दिनेश आर्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े रहने के कारण उन्हें प्रदेश की राजनीति और सरकार के कामकाज का अनुभव रहा है।
भाजपा ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उनके निर्विरोध निर्वाचन को पार्टी के लिए भी एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
2022 में नैनीताल सीट से मांगा था भाजपा का टिकट
दिनेश आर्य ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में नैनीताल विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की थी। हालांकि, पार्टी ने उस समय सरिता आर्य को अपना प्रत्याशी बनाया था।
टिकट नहीं मिलने के बाद दिनेश आर्य ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में पार्टी स्तर पर बातचीत और मान-मनौव्वल के बाद उन्हें सरकार में जिम्मेदारी दी गई। अब राज्यसभा के लिए उनका चयन उनके राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
कुमाऊं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से अहम घटनाक्रम
दिनेश आर्य का राज्यसभा पहुंचना कुमाऊं क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 12 साल बाद इस क्षेत्र से किसी चेहरे को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने की बात राजनीतिक चर्चा में है।
राज्यसभा में उनका कार्यकाल शुरू होने के बाद प्रदेश और विशेष रूप से कुमाऊं क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की उनकी भूमिका पर भी नजर रहेगी।
औपचारिक घोषणा के बाद पूरी होगी निर्वाचन प्रक्रिया
दिनेश आर्य के सामने किसी अन्य प्रत्याशी के नहीं होने से उनका निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। हालांकि, चुनावी प्रक्रिया के तहत नाम वापसी की समय सीमा पूरी होने और निर्वाचन अधिकारी की औपचारिक घोषणा के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि होगी।
उत्तराखंड की राजनीति में दिनेश आर्य के राज्यसभा पहुंचने को भाजपा के संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।








