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इम्यूनिटी बढ़ाने का सस्ता और नैचुरल तरीका

एफएनएन, नई दिल्ली: आयुर्वेद के अनुसार अधिकांश मनुष्य वात विकारों से पीड़ित होते हैं और गिलोय के रस और पत्तियों में वात विकारों को दूर करने की गुणकारी औषधि होती है। हेल्थ एक्सपर्ट दावा करते हैं कि गिलोय की पत्तियों को पानी में उबालकर पीने से इम्यूनिटी बढ़ाई जा सकती है। कुछ लोग तो इसकी पत्तियों को दूसरों फलों के साथ जूस में मिलाकर पीते हैं। गिलोय की पत्तियां पान के पत्ते की तरह होती हैं। इसकी पत्त‍ियों में कैल्शि‍यम, प्रोटीन, फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसके तनों में स्टार्च की भी अच्छी मात्रा होती है। ये एक बेहतरीन पावर ड्रिंक है, जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के साथ-साथ कई खतरनाक बीमारियों से सुरक्षा करता है।

चाय, काढ़ा या जूस में करें इस्तेमाल

मेटाबॉलिज्म सिस्टम, बुखार, खांसी, जुकाम और गैस्ट्रोइंटसटाइनल समस्या के अलावा भी ये कई बड़ी बीमारियों से आपकी रक्षा कर सकता है. आप उबले पानी या जूस के अलावा काढ़ा, चाय या कॉफी में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। विज्ञान जगत के बड़े-बड़े महारथी भी गिलोय के पत्तों को एक बेहतरीन आयुर्वेदिक काढ़ा मानते हैं।

इन बीमारियों से मिलती है राहत

  • पीलिया के मरीजों के लिए भी गिलोय के पत्ते को फायदेमंद माना जाता है। कुछ लोग इसे चूर्ण के रूप में लेते हैं तो कुछ इसकी पत्त‍ियों को पानी में उबालकर पीते हैं। अगर आप चाहें तो गिलोय की पत्त‍ियों को पीसकर शहद के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं।
  • हाथ-पैरों में जलन या स्किन एलेर्जी से परेशान लोग भी इसे डाइट में शामिल कर सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए गिलोय बहुत फायदेमंद है। गिलोय की पत्त‍ियों को पीसकर उसका पेस्ट तैयार कर लें और उसे सुबह-शाम पैरों पर और हथेलियों पर लगाएं।
  • पेट से जुड़ी कई बीमारियों में गिलोय का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। इससे कब्ज और गैस की प्रॉब्लम नहीं होती है और पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहती है।
  • बहुत पुरानी खांसी के इलाज के लिए गिलोय रस का सेवन किया जाता है। दो चम्मच गिलोय का रस हर रोज सुबह लेने से खांसी से काफी राहत मिलती है। यह उपाय तब तक आजमाए जब तक खांसी पूरी तरह ठीक ना हो जाए |
  •  चिकनगुनिया जैसे वायरल बुखार के ठीक होने के बाद भी मरीज महीनों तक जोड़ों के दर्द से परेशान रहते है इस स्थिति में गिलोय की पत्तियों से बना काढ़ा लाभ करता है | इसमें 10-20 मि.ली. अरंडी के तेल को मिलाकर पीने से और भी लाभ मिलता है |
  • सर्दी जुकाम, बुखार आदि में एक अंगुल मोटी व 4 से 6 इंच लम्बी गिलोय का तना लेकर 400 मि.ली पानी में उबालें, 100 मिली रहने पर पिएं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून-सिस्टम) को मजबूत करती है बुजुर्ग व्यक्तियों में कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता होने की वजह से बार-बार होने वाली सर्दी-जुकाम, बुखार आदि को ठीक करता है |

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