एफएनएन, हल्द्वानी : वनभूमि पर कब्जे को लेकर वन विभाग ने फिर से बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार सुबह करीब नौ बजे वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम बागजाला क्षेत्र पहुंची। यहां बरसात के बावजूद दो बजे तक कार्रवाई कर आठ निर्माणाधीन मकान तोड़े गए। संयुक्त टीम की तैयारी देख कहीं विरोध की स्थिति पैदा नहीं हुई।
वहीं, वनभूमि पर अतिक्रमण के मामले में सभी के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। गौलापार के बागजाला में वनभूमि पर अतिक्रमण को लेकर पिछले दिनों वन विभाग ने सर्वे किया था, जिसके बाद तय हुआ कि पुरानी बसावट को लेकर नोटिस देकर पक्ष जाना जाएगा, लेकिन नए बन रहे मकानों को तोड़ा जाएगा।
13 फरवरी को कार्रवाई होनी थी, मगर बनभूलपुरा मामले को लेकर मामला अटक गया था। इसके बाद 27 फरवरी का दिन तय किया गया, लेकिन इस दिन पुलिस फोर्स न मिलने के कारण अभियान स्थगित करना पड़ा। इस पर शनिवार को कार्रवाई की योजना बनी।
ऐसे में सुबह संयुक्त टीम भारी फोर्स के साथ बागजाला पहुंच गई, जहां टीमों को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर निर्माणाधीन मकानों को तोड़ने के लिए भेजा गया। दोपहर दो बजे तक कार्रवाई का सिलसिला चला। पूर्व में चिह्नित आठों निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। करीब पौने हेक्टेयर जमीन विभाग ने कब्जा लिया है। सभी जगहों पर अब चेतावनी बोर्ड भी लगेगा।
750 लोगों को नोटिस की तैयारी
वन विभाग ने पहले चरण मे निर्माणाधीन मकान ध्वस्त किए हैं। अब 100 हेक्टेयर जमीन से जुड़े 750 परिवारों को नोटिस भेजकर डीएफओ के वहां सुनवाई होगी। फिलहाल पुराने मकान या किसी अन्य तरह के निर्माण को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर ग्रामीणों को यह बात बताई गई।
इन आठ लोगों पर प्राथमिकी
रेंजर चंदन अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों की तरफ से निर्माण करवाया जा रहा था, उनके विरुद्ध वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें अशोक शर्मा, देवकी नंदन, किशन भट्ट, हनीफ, शारदा कश्यप, रमेश आर्य, मुकेश झा के अलावा एक अज्ञात शामिल है।










