- प्रवेश से पहले हर एमएलए को दिखानी होगी 72 घंटे तक की कोरोना जांच रिपोर्ट
- रिपोर्ट न दिखा पाने पर ऐसे विधायकों को नहीं मिल पाएगी विधानसभा में इंट्री
एफएनएन, देहरादूनः उत्तराखंड में तीन दिन का विधानसभा सत्र इस बार वर्चुअल नहीं होगा। विधानसभा में ही सारे विधायकों के बैठने की व्यवस्था होगी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मंगलवार को विधानसभा निरीक्षण के बाद यह घोषणा की। स्पीकर ने कहा कि विधायकों से ऑनलाइन या वर्चुअल सत्र में शामिल होने के संदर्भ में राय मांगी गई थी। तीन दिन के सत्र को देखते हुए अधिकतर विधायकों ने ऑनलाइन सत्र से इनकार किया। इसी को देखते हुए इस बार ऑनलाइन सत्र नहीं किया जा रहा है।
विधाय़कों का सिटिंग प्लान भी निर्धारित
इसी के साथ विधायकों का सिटिंग प्लान भी तय कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक विधायकों से इस बार 72 घंटे तक की कोविड निगेटिव रिपोर्ट मांगी जाएगी। विधानसभा के मुख्य गेट पर रैपिड एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था होगी। निगेटिव रिपोर्ट न होने पर वापस लौटा दिया जाएगा। ट्रेजरी बैंच, नेता प्रतिपक्ष, उपाध्यक्ष सहित 29 विधायक सभा मंडप में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए बैठेंगे। विपक्ष के कुल 11 सदस्य हैं, इनको भी सभा मंडप में ही जगह दी जाएगी। इसके अतिरिक्त दर्शक दीर्घा में 11 सदस्य एडजस्ट किए जाएंगे।
30 एमएलए पंत भवन के रूम नं. 107 में बैठेंगे
विधानसभा में पंत भवन के 107 नंबर कमरे में 30 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। ये विधायक वर्चुअल रूप से विधानसभा की कार्यवाही से जुुड़ेंगे। कमरा 107 को भी विधानसभा मंडप का ही हिस्सा घोषित किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक कमरा संख्या 107 में बैठने के लिए किसी भी विधायक को बाध्य नहीं किया जाएगा। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर विधायकों को जगह दी जा सकती है।







