तरुन सूरी, बरेली : उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीतिक जमीन पर मजबूत पकड़ रखने वाले चर्चित नेता गिरधारी पप्पू बिथरी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने आज बरेली की राजनीति में अपनी मौजूदगी का अहसास कराया। पीलीभीत बाईपास के दिशा गार्डन में उनके बेटे धर्मेन्द्र सिंह रिंकू साहू ने एक बड़ी सभा बुलाई, जिसमें भारी भीड़ जुटी। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए।
ऊपरी तौर पर तो यह शुभकामना और मिलन कार्यक्रम था मगर वास्तविकता में यह गिरधारी पप्पू के बिथरी से चुनाव की तैयारी का पहला कदम था। समर्थकों की भारी भीड़ के बीच यह ऐलान किया गया कि गिरधारी पप्पू बिथरी से चुनाव लड़ेंगे मगर पार्टी कौन सी होगी, इसका खुलासा नहीं किया गया।आज साफ हो गया कि राजनीति का चर्चित चेहरा रहे गिरधारी लाल साहू गिरधारी पप्पू अब बरेली की राजनीति में दोबारा लैंड कर रहे हैं। उनकी पत्नी रेखा आर्या उत्तराखंड की भाजपा सरकार में असरदार कैबिनेट मंत्री हैं। गिरधारी पप्पू के बेटे धर्मेन्द्र सिंह रिंकू ने अपने पिता के समर्थन के लिए पीलीभीत बाईपास स्थित अपने दिशा पैलेस में एक बड़ी सभा बुलाई।
इस सभा में कई राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। दिलचस्प बात यह रही कि गिरधारी पप्पू ने चुनावी मैदान में ताल तो ठोंक दी है मगर पार्टी कौन सी होगी इसका ऐलान अभी नहीं किया। हालांकि इस सभा में गिरधारी पप्पू शामिल नहीं हुए मगर उनके बेटे ने ही सभी प्रकार के इंतजाम किए थे। नारेबाजी के बीच समर्थकों ने कहा कि गिरधारी पप्पू को बिथरी से चुनाव लड़ना चाहिए।गिरधारी पप्पू उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति का चर्चित चेहरा हैं। उनकी पत्नी रेखा आर्य इस वक्त सोमेश्वर अल्मोड़ा से विधायक हैं तथा उत्तराखंड की सरकार में एक असरदार कैबिनेट मंत्री हैं। गिरधारी पप्पू खुद कई साल पहले जोगी नवादा से सभासद रहे हैं। इसके अलावा मेयर का चुनाव भी बड़े जोरदार तरीके से लड़ चुके हैं।
विवादों से भी गिरधारी पप्पू से हमेशा का नाता रहा है। हर मुसीबत को पार करके उन्होंने लगातार तरक्की की सीढ़ियों को चढ़ा है।इससे पहले उनकी दिवंगत पत्नी बैजंती माला ने बहेड़ी से चुनाव लड़ा था, जिसके चलते भाजपा को यह सीट गंवानी पड़ी थी। अब गिरधारी पप्पू खुद चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। बिथरी चैनपुर वैसे भी बरेली की एक बेहद चर्चित सीट है। पहले यह सीट यहां के विधायक रहे वीरेन्द्र सिंह की वजह से चर्चा में रही। इसके बाद यहां पप्पू भरतौल प्रत्याशी बने। बाद में पप्पू भरतौल का टिकट काटकर चिकित्सक डा. राघवेन्द्र शर्मा को दे दिया गया। डा. ऱाघवेन्द्र शर्मा वर्तमान में बिथऱी से विधायक हैं।
अब उनकी सीट को लेकर कई दावेदार अपना अपना जोर लगा रहे हैं। इस बीच गिरधारी पप्पू की इंट्री से इस विधानसभा की राजनीति पूरी तरह से उलट गई है। विधानसभा में राठौर साहू वोट की तादाद भी अच्छी खासी है, इसके अलावा अपने अकूत संसाधनों की बदौलत भी गिरधारी पप्पू अगर चुनाव मैदान में उतरते हैं तब वह चुनाव की दशा और दिशा तो जरूर बदल देंगे।सभा में शामिल हुईं प्रमुख हस्तियां – पूर्व विधायक इस्लाम साबिर, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, सपा नेता भारती चौहान, समर्थ मिश्रा, भाजपा नेता डा. प्रमेन्द्र माहेश्वरी, तारा सम्राट साहू, पप्पू लाला साहू, विनोद साहू, जयपाल प्रधान, पन्ना लाल प्रधान, वेद प्रकाश प्रधान, धर्मपाल, धर्मवीर, देवेन्द्र साहू समेत कई प्रमुख लोग इस सभा में मौजूद रहे।
गाय और मंदिर को समर्पित गिरधारी पप्पू का जीवन – गिरधारी पप्पू का राजनीतिक जीवन भले ही बड़े उतार चढ़ाव से भरा हो मगर बाबा बनखंडीनाथ की भक्ति का दामन उन्होंने कभी नहीं छोड़ा। सन् 1990 से मंदिर में निर्माण कार्य को जारी रखा। मंदिर में 400 गायों की सेवा और मंदिर की सेवा वह लगातार करते हैं। लम्बे चौड़े संसाधन होने के बाद भी गिरधारी पप्पू अभी भी जब बरेली में होते हैं, मंदिर में ही रात्रि विश्राम करते हैं। हर साल 101 बेटियों की शादी मंदिर से कराते हैं और इन सभी जोड़ों को हर साल 25 लाख रुपये के उपहार भी प्रदान किए जाते हैं। गिरधारी पप्पू का सामाजिक और धार्मिक जीवन का पक्ष बेहद प्रभावित करने वाला है। अपनी इसी छवि और लोगों के बीच घुलने मिलने के कारण उनकी लोकप्रियता कायम है।
बिथरी से उनका चुनाव लड़ना, सभी समीकरणों को बदलने वाला होगा।गिरधारी लाल साहू गिरधारी पप्पू या पप्पू साहू के नाम से लोकप्रिय हैं। 90 के दशक के आसपास से वह सक्रिय हो गए थे। 1992 में विधानसभा के चुनाव में उतरे मगर तब के सांसद और वर्तमान में झारखंड राज्य के गवर्नर संतोष गंगवार के कहने पर अपने कदम वापस खींच लिए। फिर जोगी नवादा से सभासद रहे। सभासद रहने के दौरान उन्होंने कई कमेटियों को भी संभाला और शहर के विकास के कई काम कराये, जिनमें संजय नगर का रोड, सौ फिटा रोड का निर्माण कराना भी शामिल है। उस वक्त उनकी सभासदी का जितना क्षेत्र था, आज उतने क्षेत्र में छह सभासद कार्य करते हैं।
बाद में 2000 में मेयर का चुनाव लड़े तथा फिर उत्तराखंड में सक्रिय हो गए। लम्बे अरसे के बाद उनकी बरेली के राजनीतिक प्लेटफार्म पर वापसी हो रही है। सूत्रों के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरधारी पप्पू से जब फोन पर बात की गई तब उन्होंने कहा कि उनके शुभचिंतकों व समर्थकों के कहने के कारण वह बिथरी चैनपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ सामान्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण वह अभी दिल्ली सर गंगाराम में चेकअप के लिए आये हैं। चुनाव लड़ेंगे। पार्टी कौन सी होगी, इसका फैसला करके प्रेस कांफ्रेस करके ऐलान करेंगे।





