** पंडित दीनदयालपुरम के दीनदयाल पार्क में पंडितजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण स्मरण किया गया
**लोकतंत्र सेनानी वीरेंद्र अटल और अन्य अनेक वक्ताओं ने कहा-आज भी सार्थक और प्रासंगिक हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार
फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति विचार मंच के तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन दीनदयालपुरम् स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में एकात्म मानववाद के प्रणेता की 68वीं पुण्यतिथि पर इस महामानव की आदमकद प्रतिमा पर पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर भावपूर्ण स्मरण किया।

इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी की अध्यक्षता लोकतंत्र सेनानी विनोद कुमार गुप्ता ने की। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री इंद्रदेव त्रिवेदी ने किया।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र सेनानी वीरेंद्र अटल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की अवधारणा आज भी न सिर्फ प्रासंगिक है, बल्कि सार्थक भी सिद्ध हो रही है। केंद्र और अनेक राज्यों की सरकारें अंतिम पायदान पर खड़े मानव की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक सहायता करके उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की कोशिशें कर रहे हैं। आज कतार का अंतिम व्यक्ति भी अपना सिर उठाकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहा है और देश के विकास में अपना रचनात्मक योगदान दे रहा है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी विनोद कुमार गुप्ता ने लोगों से अपील की कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पं दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करें ताकि एक-एक व्यक्ति का वास्तविक कल्याण हो सके और विश्वबंधुत्व की परिकल्पना को साकार करते हुए हमारा भारत एक बार फिर विश्व गुरु के सिंहासन पर आरूढ़ हो सके।
कार्यक्रम में महामंत्री इंद्रदेव त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष प्रवीण भारद्वाज, संयुक्त मंत्री शिवम् वर्मा ने भी पं. दीनदयाल उपाध्याय विषयक संस्मरण सुनाए । कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी सुंदर लाल गुप्ता, प्रकाश चंद्र सक्सेना, अरुणा सिन्हा, आभा सक्सेना, राजवीर सिंह आदि की उपस्थिति सराहनीय रही।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री इंद्रदेव त्रिवेदी ने किया और सभी का आभार कोषाध्यक्ष प्रवीण भारद्वाज ने किया।






