
एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड में देहरादून जिले के सेलाकुई इलाके में हुई त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है. सीसीटीवी वीडियो में कुछ लोग एंजेल चकमा को मारते हुए दिख रहे है. देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या का मामला इन दिनों सुर्खियों में है. इस मामले का खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया और एंजेल चकमा के पिता से भी बात की. आरोप है कि एंजेल चकमा की हत्या नस्लीय हिंसा की वजह से हुई.
पूरा मामला जानिए: दरअसल, त्रिपुरा के उनाकोटी जिले का रहने वाला 24 साल का एंजेल चकमा उत्तराखंड के देहरादून जिले में एमबीए फाइनल ईयर का छात्र था. एंजेल चकमा का भाई भी देहरादून में ही पढ़ाई करता था. दोनों सेलाकुई इलाके में रहते थे.
आरोप है कि 9 दिसंबर को एंजेल चकमा और उसका भाई बाजार में गए थे. इस दौरान कुछ लड़कों ने दोनों पर नस्लीय टिप्पणी की, जिसका एंजेल चकमा ने विरोध किया. इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो गया और पांच से छह लड़कों ने एंजेल चकमा पर धारदार हथियार से हमला किया. इस हमले में एंजेल चकमा का भाई भी घायल हुआ था, लेकिन एंजेल चकमा को ज्यादा चोट आई थी. इसके बाद एंजेल चकमा को ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान 26 दिसंबर सुबह को एंजेल चकमा की मौत हो गई थी.
एंजेल चकमा के भाई माइकल चकमा की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था.फिलहाल एक आरोपी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश में जुटी हुई है. बताया जा रहा है कि फरार आरोपी नेपाल भाग गया है, जिसकी तलाश में पुलिस की एक टीम को भी नेपाल भेजा गया है. इस घटना के बाद उत्तराखंड में रहने वाले बाहरी राज्यों के छात्र में डर का माहौल है. रविवार को नॉर्थ ईस्ट के छात्रों ने एकत्र होकर कहा था कि वो इस तरह की नस्ल भेदी टिप्पणी करना बर्दाश्त नहीं करेंगे.
राजधानी देहरादून की पुलिस ने सभी छात्रों से अपील की है कि वह इस मामले में शांति बनाए रखें. इसके साथ ही पुलिस ने यह भी वादा किया है कि सभी छात्रों की सुरक्षा देहरादून पुलिस का जिम्मा है. पुलिस ने इस मामले में एक टीम नेपाल भेजी है, ताकि छठे आरोपी को भी गिरफ्तार किया जा सके. घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें एंजेल चकमा अपने भाई के साथ खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है.
देहरादून के एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि अभी मामले की जांच जारी है. अभी एक और आरोपी गिरफ्तार होना बाकी है. उसकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम नेपाल भेजी है. मृतक छात्रा का अंतिम संस्कार रविवार शाम को कर दिया गया था. परिवार से लगातार पुलिस संपर्क में है.
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आसपास ऐसे इलाकों में भी पुलिस नजर बनाए हुए हैं, जहां पर अन्य राज्यों से आए बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. यह उत्तराखंड के लिए गंभीर बात है कि इस तरह से हमलावरों ने एक छात्र पर हमला किया है. हम पूरे सबूत के साथ कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ अपना पक्ष रखेंगे, ताकि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.





