
एफएनएन, बलरामपुर : बलरामपुर पुलिस ने 72 लाख की ठगी करने वाले आरोपी को एमपी से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने खुद को डीएसपी बताकर महिला को नौकरी लगाने का झांसा दिया था.आरोपी ने कुसमी क्षेत्र की महिला को झांसे में लेकर कहा था कि वो उसके बच्चों की नौकरी पुलिस विभाग में लगा देगा. इसके एवज में 72 लाख रुपए लिए थे. लेकिन बच्चों की नौकरी नहीं लगी, महिला ने अपने पैसे मांगे तो आरोपी ने अपना संपर्क तोड़ लिया.
क्या है मामला : पुलिस के मुताबिक आरोपी संतोष कुमार पटेल थाना चुरहट जिला सीधी मध्यप्रदेश का रहने वाला है. साल 2016 में ए.साई कंपनी ने सामरी, जलजली और श्रीकोट में रोड निर्माण का पेटी कॉन्ट्रैक्ट लिया. आरोपी सड़क बनाने वाली कंपनी में जेसीबी ऑपरेटर था. 2016-2017 में जब सामरी जलजली रोड बन रहा था, उस समय कंपनी का कैंप कुसमी सामरी रोड में गजाधरपुर गांव के पास लगा था. कैंप से कंजिया गांव लगा हुआ था.कजिया गांव की ललकी बाई कैंप के पास बकरी चराने आती थी. जिससे संतोष की जान पहचान हुई.
कैसे दिया झांसा : आरोपी संतोष कुमार पटेल अपना मोबाइल नंबर ललकी बाई को दिया. प्रार्थिया ललकी बाई से बात करके उसे अपने विश्वास में लिया. जब रोड का काम खत्म हुआ और संतोष कुमार अपने घर वापस आया तो उसने ललकी बाई को फोन किया. संतोष ने ललकी बाई से कहा कि उसकी नौकरी एमपी पुलिस में डीएसपी पद पर लग गई है. यदि तुम भी अपने दोनों बच्चों की नौकरी पुलिस में लगवाना चाहती हो तो लग जाएगी. मैंने भी पैसे देकर पुलिस में नौकरी ली है.
झूठ बोलकर लेने लगा पैसा : नकली डीएसपी संतोष कुमार पटेल ने ललकी बाई को अपना बैंक अकाउंट नंबर दिया. इसके बाद कभी फोन पे और कभी बैंक ट्रांसफर की मदद से ललकी बाई से किस्तों में पैसे लेने लगा.ललकी बाई के मुताबिक उसने साल 2018 से 2025 तक संतोष पटेल को 72 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं. जो उसने कभी पत्नी और बहन की तबीयत खराब के नाम पर मांगे तो कभी अफसरों को पैसा देने के नाम पर लिए.
आरोपी को भेजा गया जेल : जब ललकी बाई को लगा कि उसके साथ ठगी हुई है तो उसने आरोपी संतोष पटेल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई.जिसके बाद कुसमी थाना में शिकायत दर्ज की गई. थाना कुसमी से टीम गठित कर आरोपी की पतासाजी के लिए मध्यप्रदेश रवाना किया गया. टेक्नीकल जानकारी के आधार पर आरोपी संतोष कुमार पटेल निवासी सीधी मध्यप्रदेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार किया. अपराध स्वीकार करने पर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा है.





