राज सक्सेना, किच्छा : निकाय चुनाव की सरगर्मी बढ़ने के साथ ही राजनीतिक गलियारे में नई चर्चाओं के बाजार ने भी जगह बना ली है। चर्चाओं को सही मानें तो टिकट न मिलने के बाद अब विधानसभा चुनाव की दावेदारी करने वाले प्रत्याशी स्थानीय नेताओं के चुनावी हक पर डाका डालने को तैयार दिख रहे हैं।
आपको बता दें कि गुजरे विधान सभा चुनाव में कांग्रेस से तिलक राज बेहड़ को टिकट मिलने के बाद कांग्रेस से दावेदारी करने वाले अनेक प्रत्याशियों के चुनावी मंसूबों पर पानी फिर गया था, ऐसे में अपनी राजनीति को बचाए रखने के लिए अब निकाय चुनाव की सरगर्मियों के बढ़ते ही एकाएक चुनावी मौसम में स्वयं को जनता का हितैषी बता अपनी ही पार्टी से दावेदारी करना प्रारंभ कर दिया।
विधानसभा चुनाव की दावेदारी करने वाले पदाधिकारी अब राजनीतिक जमीन तलाशने हुए कांग्रेस के निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के दावेदार बनने को आतुर दिख रहे हैं । हालांकि इस बात को लेकर कांग्रेस नगर अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी अभी कुछ भी कहने से बचते दिख रहे हैं, हालांकि जिस प्रकार की कांग्रेस के खेमे में चर्चाएं उठ रही हैं उससे साफ है कि आगामी निकाय चुनाव में टिकट को लेकर के ही बड़ा घमासान होना तय है, क्योंकि पालिकाध्यक्ष पद के पर पहले ही वर्तमान पालिका अध्यक्ष दर्शन कोली, छोटू कोली, अक्षय बाबा, पुनीत यादव, नगर अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, गुलशन सिंधी, राजकुमार बजाज, अरुण तनेजा सहित कई नाम दावेदारी करते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव में दावेदारी करने वालों का मैदान में उतारना कांग्रेस के नगर निकाय चुनाव के घमासान को बड़ा जरूर देगा। स्थिति पार्टी न संभाल पाई तो निश्चित रूप से आसान माने जाने वाला चुनाव पार्टी के लिए सिर का दर्द जरूर बन जाएगा। अब देखना यह होगा की पार्टी में एक दर्जन से अधिक दावेदारी होने पर पार्टी किसके से चुनावी चेहरा सजाती है।







