03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

जोशीमठ में भारी बर्फबारी के चलते रुका ध्वस्तीकरण का कार्य, प्रभावित राहत कैंप में, सामान हो रहा बर्बाद

Spread the love

एफएनएन, जोशीमठ : जोशीमठ में भारी बर्फबारी के चलते धवस्तिकरण का कार्य रुका हुआ है। कार्य बंद होने के चलते होटल माउंट व्यू व मलारी इन के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग खोल दिए गए हैं। बर्फबारी के चलते यहां लोगों का सामान अभी तक  शिफ्ट नहीं हो पाया है, जिससे प्रभावितों के बाहर पड़े समान में बर्फ जम गई है। ये प्रभावित घरों को खाली कर राहत शिविर में रह रहे हैं।

उत्तराखंड में आज पहाड़ियों पर जमकर हिमपात हो रहा है। जोशीमठ में भारी बर्फबारी ने प्रभावितों के लिए मुसीबत बढ़ा दी है। चमोली जिले में एक दर्जन से अधिक गांव बर्फ से ढके हैं। बारिश और बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ रही हैं। बृहस्पतिवार को देर शाम से जिले में बारिश-बर्फबारी का दौर जारी रहा है।

चमोली डीएम हिमांशु खुराना ने बताया कि मजदूर काम नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए जोशीमठ में चल रहा तोड़ फोड़ का काम बंद कर दिया गया है. स्थिति में सुधार होने पर काम फिर से शुरू करेंगे।बर्फबारी से मंडल-चोपता हाईवे और घाट-रामणी मोटर मार्ग बंद हो गया है।

  • जगह-जगह की गई अलाव की व्यवस्था

शुक्रवार को जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब के साथ ही फूलों की घाटी, औली, गौरसों बुग्याल, रूद्रनाथ, लाल माटी, जोशीमठ नगर, सुतोल, कनोल, डुमक, कलगोठ, उर्गम, भेंटी, सुराईथोटा, भल्लागांव, पाणा, ईराणी, झींझी आदि गांवों में तड़के से बर्फबारी हो रही है।

बदरीनाथ धाम में करीब दो और हेमकुंड साहिब में तीन फीट तक ताजा बर्फ जम गई है। जोशीमठ और घिंघराण क्षेत्र में साल की पहली बर्फबारी हुई है। जिससे यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए लोग दिन भर घरों में दुबके रहे। जोशीमठ में प्रशासन की ओर से जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की गई है।

भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ में असुरक्षित घोषित हो चुके ऐसे 21 भवन तोड़े जाएंगे। इनमें दो होटल, लोनिवि का गेस्ट हाउस ,तीन आवासीय भवन और जेपी कॉलोनी के 15 घर शामिल हैं। जेपी कॉलोनी के घर कॉलोनी के लोग खुद तोड़ेंगे। प्रशासन ने इसकी इजाजत दे दी है। तिरछे हो चुके दो अन्य होटलों को भी खाली करा दिया गया है। श्री बदरी-केदार मंदिर समिति ने नृसिंह मंदिर परिसर में बिना अनुमति यज्ञ, अनुष्ठान व अन्य आयोजनों पर रोक लगा दी है।

इस बीच 24 घंटे के भीतर ही पानी का फिर से रिसाव बढ़ गया है। लेकिन राहत वाली बात यह है कि क्रेकोमीटर की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन दिनों से क्षतिग्रस्त भवनों की दरारें नहीं बढ़ी हैं। उधर, देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों की रायशुमारी से जल्द से जल्द राहत की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने अफसरों को ताकीद किया कि सभी पर्वतीय शहरों में ड्रेनेज और सीवर सिस्टम की योजना बनाई जाए। 27 जनवरी को हाईपावर कमेटी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें जोशीमठ के विस्थापन, पुनर्वास व पुनर्निर्माण योजना पर कुछ निर्णय हो सकते हैं।

बृहस्पतिवार को जोशीमठ में सीबीआरआई की टीम की निगरानी में लोनिवि के गेस्ट हाउस को जेसीबी से तोड़ना शुरू कर दिया। लोनिवि के सहायक अभियंता सुनील कुमाके मुताबिक,ने बताया कि गेस्ट हाउस वर्ष 1989 में बनाया गया था। इसे जेसीबी की मदद से तोड़ा जा रहा है। भवन के मलबे को नगर के बाहर डंपिंग जोन में डाला जा रहा है।

इसके अलावा भगवती प्रसाद, दुर्गा प्रसाद, मदन प्रसाद और यमुना प्रसाद के घरों को को भी तोड़ने का काम शुरू हो गया है। नगर में होटल माउंट व्यू और मलारी इनको तोड़ने का काम सबसे पहले शुरू हुआ। प्रशासन ने तिरछे हो रहे कामेट और स्नोक्रेस्ट होटल को सुरक्षा की दृष्टि से खाली करा दिया है। इन होटलों में भी दरारें बढ़ती हैं तो इनको भी ढहाया जाएगा।

  • तोड़े जाने वाले आवासीय भवनों की संख्या हुई तीन

सुनील वार्ड में दिनेश लाल के आवासीय भवन को भी तोड़ने के आदेश जारी हो गए। सीबीआरआई रुड़की की टीम ने भवन को डिस्मेंटल की श्रेणी में रखा। भवन स्वामी की स्वीकृति के बाद जिलाधिकारी ने इसके ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए।

  • पुनर्वास को लेकर नहीं बन पा रही सहमति

कई दौर की बैठकों के बाद भी जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच पुनर्वास और विस्थापन पर एक राय नहीं बन पाई है।

  • पानी का डिस्चार्ज बढ़ा

जोशीमठ में पानी का रिसाव फिर बढ़ गया है। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा के मुताबिक, जेपी कॉलोनी के पास पानी का रिसाव 100 एलपीएम से बढ़कर 150 एलपीएम हो गया है।

  • पिछले तीन दिन से नहीं बढ़ी दरारें

लेकिन भवनों की दरारें पिछले तीन दिन से नहीं बढ़ी हैं। डा.सिन्हा के मुताबिक सीबीआरआई की ओर से भवनों में लगाए गए क्रेकोमीटर की रिपोर्ट बता रही है कि न दरारों की संख्या बढ़ी न उनकी चौड़ाई। इससे लग रहा है चीजें स्थिर हो रही हैं।

  • एक परिवार का हुआ विस्थापन

बृहस्पतिवार को भवन असुरक्षित होने की वजह से एक और परिवार को राहत शिविर में भेजा गया। अब ऐसे परिवारों की संख्या बढ़कर अब 259 हो गई है। अब तक 849 भवनों में दरारें आ चुकी हैं। 181 भवन असुरक्षित क्षेत्र में हैं।

Hot this week

rudrapur नहीं रहा अभिषेक, कई दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा युवक

एफएनएन, रुद्रपुर : rudrapur काशीपुर रोड ओवरब्रिज पर 7...

Spare Parts की दुकान में अचानक लगी आग, धुआं उठते ही मची अफरा-तफरी

एफएनएन, हरिद्वार : Spare Parts शहर में सुबह-सुबह स्पेयर...

15 सितंबर से फिर शुरू होगी केदारनाथ हेली सेवा, DGCA की बैठक में होगा फैसला

एफएनएन, देहरादून : Kedarnath चारधाम यात्रा के दूसरे चरण...

Kusumkheda में नाबालिग से आपत्तिजनक हरकत का आरोप, आरोपी पुलिस हिरासत में

एफएनएन, हल्द्वानी : Kusumkheda हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा क्षेत्र में नाबालिग...

Topics

rudrapur नहीं रहा अभिषेक, कई दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा युवक

एफएनएन, रुद्रपुर : rudrapur काशीपुर रोड ओवरब्रिज पर 7...

Spare Parts की दुकान में अचानक लगी आग, धुआं उठते ही मची अफरा-तफरी

एफएनएन, हरिद्वार : Spare Parts शहर में सुबह-सुबह स्पेयर...

Kusumkheda में नाबालिग से आपत्तिजनक हरकत का आरोप, आरोपी पुलिस हिरासत में

एफएनएन, हल्द्वानी : Kusumkheda हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा क्षेत्र में नाबालिग...

rudrapur ARTO में बड़ा खुलासा, एक नंबर की दो Swift Dzire और चेसिस नंबर भी निकला समान

एफएनएन, रुद्रपुर : rudrapur के संभागीय परिवहन कार्यालय में...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img