03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

नहाय-खाय के साथ आज से छठ महापर्व शुरू, दो साल के बाद दिख रहा उल्लास, जानिए पूजन की विधि

एफएनएन, देहरादून : नहाय खाय के साथ आज शुक्रवार से छठ महापर्व की शुरुआत हो गई है। चार दिवसीय महापर्व के लिए नदी के घाटों पर साफ-सफाई हो चुकी है। साथ ही छठ मैया की स्थापना कर दी गई है। प्रात:काल स्नान के बाद कद्दू और चने की दाल से बनी सब्जी के साथ चावल का भोग ग्रहण करने के बाद छठ पर्व का व्रत शुरू हुआ।

लगभग 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद शनिवार शाम को ‘खरना’ का आयोजन होगा। खरने में गुड़ और दूध से बनी खीर खाई जाती है। खीर को प्रसाद के रूप में वितरित भी किया जाता है। प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रती लोग रविवार की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे और सोमवार को प्रात:काल में उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा।
इसके बाद छठ पूजा संपन्न होगी और व्रती लोग अपना व्रत खोलेंगे। इस महापर्व की तैयारी के मद्देनजर राजधानी देहरादून में पाटलिपुत्र विचार मंच के सदस्यों अशोक पंडित, गौतम पंडित, अनिल प्रजापति, मुकेश यादव, संजय कुमार झा, शैलेंद्र प्रजापति, संदीप प्रजापति, अनिल सिंह ने रायपुर, मालदेवता, नत्थनपुर, हरबंस वाला और डालनवाला में छठ पूजा के लिए घाटों पर साफ-सफाई का काम किया। इन घाटों पर छठ मैया की स्थापना की गई।
पाटलिपुत्र विचार मंच के कोषाध्यक्ष संदीप प्रजापति ने बताया कि आज शुक्रवार को जहां छठ पूजा के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालु नहाय खाय की रस्म करेंगे। वहीं संगठन के सदस्य विभिन्न छठ घाटों पर स्थापित छठी मैया को सजाएंगे। साथ ही घाटों पर रोशनी, पानी, पार्किंग, श्रद्धालुओं के छठ घाटों तक आने-जाने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। बताया कि कोरोना के कारण दो वर्ष तक छठ पूजा रस्मी तौर पर हुई थी।
कोरोना के साये से निकलने के बाद पहली बार धूमधाम से छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस बार छठ पूजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। उधर, पाटलिपुत्र विचार मंच के सदस्य विधायक खजानदास से मिले और डालनवाला स्थित छठ घाट पर पानी और बिजली की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
रुड़की में सोलानी पार्क के पास घाटों पर पूजा की व्यवस्था की गई है। महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं। आईआईटी स्थित सरस्वती मंदिर के आचार्य पंडित राकेश कुमार शुक्ला ने बताया कि छठ पूजा के तीसरे दिन मान्यता के अनुसार अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। चौथे दिन उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पर्व का समापन होगा। वहीं, पर्व को लेकर रुड़की में लोगों ने पूरी तैयारी कर ली है। गंगनहर के घाटों पर निशान लगाए गए हैं। साथ ही साफ-सफाई कर घाटों को सजाया गया है।
हरिद्वार में नहाय खाय की रस्म से पहले महिलाएं कलश यात्रा निकालेंगी। हर साल हरिद्वार में भी बड़ी संख्या में छठ पर्व पर आस्था का सैलाब देखने को मिलता है। गंगा घाटों पर हजारों की संख्या में व्रती महिलाएं छठ मैया की उपासना करती हैं। उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार के हजारों लोग हरिद्वार में रहते हैं। बीएचईएल के अलावा सिडकुल, बहादराबाद औद्योगिक इकाइयों के साथ ही अन्य क्षेत्रों में नौकरी पेशे से जुड़े हुए हैं।
पूर्वांचल जन जागृति संस्थान संस्थापक अध्यक्ष कमलेश्वर मिश्र ने बताया कि छठ पर्व सूर्यदेव की उपासना और छठी मैया का पूजा करने महापर्व है। इस पर्व पर उगते और डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। छठ पूजा पर छठी मैया की पूजा और लोकगीत गाया जाता है।

Hot this week

Girdhari Sahu की पहली शादी से अनजान थीं रेखा आर्य, पति पर लगे आरोपों की जांच करेगी 10 सदस्यीय SIT

एफएनएन, देहरादून : Girdhari Sahu उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण...

CJI Kumaon Zone की नई कार्यकारिणी घोषित, अशोक अग्रवाल अध्यक्ष और सौरभ अग्रवाल उपाध्यक्ष नियुक्त

एलएससी इंफ्राटेक लिमिटेड के निदेशक सौरभ अग्रवाल को मिली...

Topics

Bail is Rule है, जेल एक अपवाद : पीके गोस्वामी

एफएनएन, मुरादाबाद : Bail is Rule बार एसोसिएशन एंड...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img