एफएनएन , हरिद्वार : उत्तराखंड के हरिद्वार में विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रानीपुर कोतवाली में तैनात एक महिला सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को ₹10 हजार की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दूसरे पक्ष के साथ चल रहे लेनदेन के विवाद में समझौता कराने और मामला निपटाने के एवज में महिला पुलिसकर्मी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगी थी।
विजिलेंस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम गठित की गई और शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को कार्रवाई करते हुए महिला ASI को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी शहर कोतवाली क्षेत्र में की गई, जबकि महिला पुलिसकर्मी की तैनाती रानीपुर कोतवाली में बताई गई है।
टोल फ्री नंबर 1064 पर की गई थी शिकायत
विजिलेंस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत के लिए जारी टोल फ्री नंबर 1064 पर संपर्क किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रानीपुर कोतवाली में तैनात महिला ASI दूसरे पक्ष के साथ चल रहे लेनदेन के विवाद को सुलझाने के नाम पर उससे ₹10 हजार की रिश्वत मांग रही है।
शिकायतकर्ता का दूसरे पक्ष के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि महिला ASI इस मामले में समझौता कराने और विवाद का निपटारा करने के एवज में रकम मांग रही थी।
शिकायत प्राप्त होने के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की योजना बनाई गई।
ट्रैप टीम बनाकर बिछाया गया जाल
शिकायत की जांच के बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देश पर विजिलेंस की ट्रैप टीम गठित की गई। इसके बाद महिला ASI को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई।
विजिलेंस ने शिकायतकर्ता को महिला ASI की ओर से बताए गए पते के अनुसार हरिद्वार बुलाया। तय योजना के तहत टीम ने निगरानी रखी। जैसे ही महिला ASI ने शिकायतकर्ता से कथित तौर पर ₹10 हजार की रिश्वत ली, विजिलेंस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई गिरफ्तारी
महिला ASI की तैनाती रानीपुर कोतवाली में थी, लेकिन उसकी गिरफ्तारी हरिद्वार के शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर उसकी ड्यूटी शहर कोतवाली क्षेत्र में लगाई गई थी।
इसी दौरान शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर वहां बुलाए जाने की बात सामने आई। विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और महिला ASI को हिरासत में ले लिया।
विजिलेंस ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए प्रेस नोट जारी किया है। घटना के बाद पुलिस विभाग में भी मामला चर्चा का विषय बन गया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
विजिलेंस के अनुसार, मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। महिला ASI के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यह मामला पुलिस विभाग में तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई से जुड़ा है। हालांकि, महिला ASI पर लगाए गए आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
फिलहाल, विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।








