एफएनएन, दिल्ली : CJP Protest 2.0 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और विरोध मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शन से पहले राजधानी के कई इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाने, वाहनों की जांच करने और यातायात में बदलाव किए जाने की खबरें हैं। वहीं, मेट्रो स्टेशनों, रेल सेवाओं, बाजारों और इंटरनेट सेवाओं को लेकर भी विभिन्न प्रतिबंधों और एडवाइजरी की जानकारी दी गई है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली रवाना होने से पहले केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शन से पहले कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, अलग-अलग प्रतिबंधों और हिरासत से जुड़ी सभी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि अलग से की जानी जरूरी है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके तहत संबंधित क्षेत्र में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवारक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। करीब 11 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के बाद दिल्ली में केंद्रीय बलों की कुल संख्या लगभग 26 हजार होने का दावा किया गया है। हालांकि, सुरक्षा बलों की वास्तविक संख्या की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से की जानी चाहिए।
दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाए जाने की भी जानकारी है। जखीरा फ्लाईओवर समेत कई मार्गों पर वाहनों की सघन जांच किए जाने की खबरें सामने आई हैं। टैक्सी और अन्य वाहनों को रोककर पूछताछ किए जाने तथा कुछ लोगों को हिरासत में लेने की बात भी कही गई है।
दिल्ली पहुंचते ही अभिजीत दिपके ने गिरफ्तारी की चुनौती दी
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए। उनके दिल्ली पहुंचने के दौरान पुलिसकर्मियों के विमान में दाखिल होने की जानकारी सामने आई। इस दौरान दिपके ने कथित तौर पर पुलिस से कहा, “मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं, मुझे गिरफ्तार कीजिए।”
दिल्ली रवाना होने से पहले दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शन को लेकर रेल और मेट्रो सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने तथा सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी।
दिपके ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी या हिरासत की कार्रवाई के बावजूद उनकी पार्टी लोकतंत्र और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।
ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने का दावा
CJP के प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। CJP के एक्स हैंडल पर किए गए एक पोस्ट के मुताबिक, सुबह करीब आठ बजे सादे कपड़ों में लगभग 50 पुलिसकर्मी गुरुग्राम स्थित राठी के घर पहुंचे और उन्हें हिरासत में ले लिया।
CJP ने कथित कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे मतदाता सूची में अनियमितताओं के मुद्दे पर लोकतांत्रिक असहमति को दबाने की कोशिश बताया। संगठन ने ध्रुव राठी और हिरासत में लिए गए अन्य नागरिकों तथा छात्र कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है।
हालांकि, हिरासत की परिस्थितियों, कानूनी आधार और संबंधित व्यक्तियों की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। CJP के आरोपों को संगठन के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
प्रदर्शन से पहले 1,000 लोगों को हिरासत में लेने की खबर
प्रदर्शन से पहले राजधानी में बड़े पैमाने पर पुलिस कार्रवाई की खबरें भी सामने आई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, CJP और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के आह्वान पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले रातभर में कम से कम 1,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा, आईटीओ स्थित सुरजीत भवन में देर रात पुलिस के पहुंचने की जानकारी भी सामने आई। बताया गया कि उस समय वहां छात्र और वामपंथी संगठनों के कई नेता मौजूद थे। पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या के संबंध में आधिकारिक विवरण सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रतिबंध की जानकारी
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण में 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 10 अक्टूबर शाम 6 बजे तक 45 स्टेशनों को प्रभावित बताए जाने का दावा किया गया है।
इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, नई दिल्ली, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, सुप्रीम कोर्ट, इंद्रप्रस्थ, शिवाजी स्टेडियम, चावड़ी बाजार, जामा मस्जिद, करोल बाग, कश्मीरी गेट, विश्वविद्यालय, आजादपुर, सीलमपुर, शाहदरा और रिठाला समेत अन्य स्टेशन शामिल बताए गए हैं।
हालांकि, सभी 45 स्टेशनों पर एक जैसी पाबंदी होने और इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहने संबंधी विवरण को DMRC की आधिकारिक एडवाइजरी से सत्यापित करना जरूरी है। यात्रियों को यात्रा से पहले मेट्रो की ताजा सूचना देखनी चाहिए।
दिल्ली आने वाली 45 ट्रेनों को रद्द किए जाने का दावा
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के चलते रेल यातायात प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली, तिलक ब्रिज और हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली 45 ट्रेनों को रद्द किए जाने का दावा किया गया है।
यदि यात्री दिल्ली की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो उन्हें संबंधित ट्रेन का नंबर और उसकी स्थिति रेलवे के आधिकारिक माध्यम से जांचनी चाहिए। रद्दीकरण, आंशिक बदलाव और मार्ग परिवर्तन की जानकारी ट्रेन के अनुसार अलग हो सकती है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से 10 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से जरूरत के अनुसार प्रमुख मार्गों और चौराहों पर डायवर्जन तथा यातायात प्रतिबंध लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रभावित बताए गए प्रमुख स्थानों में शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान गोलचक्कर, पंचकुइयां गोलचक्कर, मंडी हाउस, मिंटो रोड, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, कनॉट प्लेस, भैरों रोड, लोधी रोड फ्लाईओवर, रेल भवन, पटेल चौक, विंडसर पैलेस और संसद मार्ग के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अलावा जखीरा फ्लाईओवर और टिकरी बॉर्डर जैसे स्थानों पर भी सुरक्षा जांच बढ़ाए जाने की खबर है। यात्रियों को सलाह है कि नई दिल्ली की ओर निकलने से पहले ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक जानकारी देखें और संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग अपनाएं।
इंटरनेट सेवाओं और बाजारों को लेकर भी निर्देश
प्राप्त विवरण के अनुसार, जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाए जाने का दावा किया गया है। इसके लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक की अवधि बताई गई है। इस प्रतिबंध की वास्तविक स्थिति और लागू क्षेत्र की पुष्टि आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।
बाजारों को लेकर भी अलग-अलग सूचनाएं सामने आई हैं। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से कनॉट प्लेस के दुकानदारों, कार्यालयों और रेस्टोरेंट संचालकों को 10 अक्टूबर को प्रतिष्ठान बंद रखने की सलाह दिए जाने की जानकारी है। वहीं, चांदनी चौक मार्केट ट्रेडर्स परिषद की ओर से चांदनी चौक सहित प्रमुख बाजार खुले रहने की बात कही गई है, जबकि भगीरथ पैलेस बंद रहने की सूचना दी गई है।
बस सेवाओं में बदलाव और यात्रियों के लिए सलाह
नई दिल्ली जिले और जंतर-मंतर के आसपास बस सेवाओं पर प्रतिबंध तथा मार्ग परिवर्तन किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। कुछ डिपो की बसों के रूट प्रभावित बताए गए हैं। सरदार पटेल विद्यालय के लिए संचालित 25 बस रूटों की सेवाएं निलंबित होने का भी दावा किया गया है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले मेट्रो, रेलवे और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी जांच लें। प्रदर्शन से जुड़े प्रतिबंधों के कारण यात्रा में अतिरिक्त समय लग सकता है।
लोकतांत्रिक विरोध और सुरक्षा व्यवस्था पर बहस
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, चुनावी प्रक्रिया, विरोध के अधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है। अभिजीत दिपके ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का मुद्दा उठाया है, जबकि प्रशासन की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।
फिलहाल, प्रदर्शन के दौरान की स्थिति, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और परिवहन सेवाओं पर लागू वास्तविक प्रतिबंधों के संबंध में आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है। इन सभी पहलुओं की स्पष्ट जानकारी संबंधित सरकारी विभागों और परिवहन एजेंसियों के अपडेट से ही मिल सकेगी।








