एफएनएन, बागेश्वर : CM Dhami उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद इंटर कॉलेज में पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। साथ ही, प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की भी घोषणा की।
छह सीमांत जिलों के 240 बाल वैज्ञानिक ले रहे हिस्सा
पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव में उत्तराखंड के छह जिलों के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। इनमें चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के विद्यार्थी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक भविष्य में देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवा पीढ़ी का योगदान अहम होगा।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से प्रेरणा लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को लगातार सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और अपने विचारों को प्रयोगों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि वैज्ञानिक सोच विकसित होने से विद्यार्थियों को भविष्य में नए अवसर मिलेंगे। इसी उद्देश्य से बाल वैज्ञानिकों के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई।
हर विकासखंड में स्थापित होगी लैब ऑन व्हील्स
विज्ञान शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने का ऐलान किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके क्षेत्र में ही विज्ञान के प्रयोगों और आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराना है।
लैब ऑन व्हील्स के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान से संबंधित प्रयोगों को समझने और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने में मदद मिल सकती है। इससे दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी विज्ञान शिक्षा की आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
STEM लैब्स को AI से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने राज्य की STEM लैब्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने की घोषणा भी की। इसके साथ ही विद्यालयों में रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने की बात कही।
इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग तथा गणित के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने और महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात कही।
विज्ञान शिक्षा में योगदान देने वाले शिक्षक सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कविता हरकोटिया, दीप चंद्र जोशी, हरिमोहन ऐठानी, संगम साह और ख्याली दत्त को पुरस्कार प्रदान किए।
इस अवसर पर बागेश्वर विधायक पार्वती दास, कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया, दायित्वधारी शिव सिंह बिष्ट और भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार तथा यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत मौजूद रहे।
इसके अलावा जिलाधिकारी अपूर्वा पांडेय, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार और विवेकानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अव्वल सिंह तोपाल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
आधुनिक विज्ञान शिक्षा पर सरकार का जोर
बाल विज्ञान महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। एक करोड़ रुपये की घोषणा, लैब ऑन व्हील्स की स्थापना और स्कूलों में AI, रोबोटिक्स व ड्रोन तकनीक को प्रोत्साहित करने की योजनाओं के जरिए विज्ञान शिक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।








