एफएनएन, देहरादून : Bike सोशल मीडिया पर बाइक राइडिंग और स्टंट के वीडियो युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। कैमरे के सामने रोमांच दिखाने और ज्यादा व्यूज हासिल करने की होड़ कई बार बेहद खतरनाक साबित हो जाती है। सहसपुर के हिंदूवाला में यूट्यूबर आस मोहम्मद उर्फ आशु की सड़क हादसे में मौत ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सोशल मीडिया कंटेंट के लिए उठाए जा रहे जोखिम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि आस मोहम्मद स्पोर्ट्स बाइक से सफर कर रहे थे। हादसे के दौरान उन्होंने हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हेलमेट भी सिर से छिटककर निकल गया। गंभीर हादसे में उनकी जान चली गई।
नई बाइक की खुशी बदली मातम में
परिवार के लिए नई बाइक और राइडिंग का उत्साह कुछ ही समय में गहरे दुख में बदल गया। जिस बेटे के सुरक्षित घर लौटने का इंतजार था, उसके शव के घर पहुंचने की खबर ने परिवार को झकझोर दिया।
स्पोर्ट्स बाइक की तेज रफ्तार और हाईवे पर बढ़ता रोमांच आजकल सोशल मीडिया कंटेंट का हिस्सा बनता जा रहा है। युवा लंबी राइड पर निकलते हैं और कई बार तेज गति, खतरनाक ओवरटेकिंग या वीडियो बनाने के दौरान अपनी और दूसरे लोगों की जान जोखिम में डाल देते हैं।
हेलमेट जरूरी, लेकिन रफ्तार पर नियंत्रण उससे भी जरूरी
हेलमेट सड़क हादसे में सुरक्षा की अहम कड़ी है, लेकिन यह दुर्घटना से बचने की गारंटी नहीं है। आस मोहम्मद ने भी हेलमेट पहना था, फिर भी हादसे की गंभीरता इतनी अधिक थी कि वह सिर से निकल गया।
ऐसे में सड़क सुरक्षा सिर्फ हेलमेट पहनने तक सीमित नहीं है। बाइक चलाते समय गति नियंत्रित रखना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना और सड़क की परिस्थितियों पर पूरा ध्यान देना बेहद जरूरी है।
खासकर स्पोर्ट्स बाइक कम समय में काफी तेज रफ्तार पकड़ सकती हैं। लेकिन सड़क पर एक पल का नियंत्रण खोना जिंदगी पर भारी पड़ सकता है।
पुलिस ने युवाओं से की अपील
सहसपुर कोतवाली प्रभारी प्रदीप रावत ने युवाओं से बाइक चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने और तेज रफ्तार से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में अपनी जिंदगी को खतरे में डालना समझदारी नहीं है।
हाईवे पर बाइक चलाते समय हेलमेट के साथ-साथ स्पीड पर नियंत्रण रखना और सड़क पर पूरा ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। कुछ मिनट का रोमांच भले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो जाए, लेकिन हादसे के बाद परिवार जिस दर्द से गुजरता है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।








