एफएनएन, नई दिल्ली : NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर सरकार से छात्रों के मुद्दों पर जवाब मांगा।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता और NEET पेपर लीक जैसे मामलों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने देना चाहती। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि विपक्ष लगातार संसद में इस विषय पर चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और शिक्षा मंत्री से जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय विरोध की आवाज दबा रही है।
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने भी सरकार पर संसद में विपक्ष को बोलने का अवसर नहीं देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि विपक्ष अपनी बात प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए उनके आवास तक मार्च करने को मजबूर हुआ।
इस बीच राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।







