एफएनएन, बरेली : बरेली से कुशीनगर उड़ान भरने के लिए बरेलीवासियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। बरेली से कुशीनगर के बीच उड़ान के लिए 72 सीटर एयरक्राफ्ट को जेट विंग्स कंपनी ने खरीद लिया है, लेकिन अभी भारत नहीं लाया जा सका है। डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) से एयरक्राफ्ट को भारत लाने के लिए अनुमति नहीं मिली है। जेटविंग्स कंपनी के अधिकारियों ने अनुमति लेने के लिए पत्राचार किया है।
बरेली से कुशीनगर के बीच फ्लाइट शुरू होने की चर्चा पिछले साल मार्च के बाद शुरू हुई। कई कंपनियां आईं, लेकिन जेटविंग्स कंपनी ने कुशीनगर के लिए फ्लाइट शुरू करने के लिए पहले सर्वे किया। सर्वे में बरेली से कुशीनगर के लिए एयर ट्रैफिक ठीक मिलने की बात सामने आई। इसके बाद जेटविंग्स ने फ्लाइट शुरू कराने के संबंध में पत्राचार शुरू किया। डीजीसीए से हवाई सेवा के लिए एप्रूवल मिला। अन्य प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
पहले यह कहा गया कि 2025 की जनवरी में फ्लाइट शुरू हो जाएगी, लेकिन कई महीनों तक कंपनी को एयरक्राफ्ट नहीं मिला। अब एयरक्राफ्ट खरीद लिया गया और उसे भारत लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सिविल एन्क्लेव के निदेशक अवधेश अग्रवाल का कहना है कि जेट विंग्स कंपनी ने 72 सीटर एयरक्राफ्ट खरीद लिया है, लेकिन डीजीसीए से अनुमति नहीं मिलने की वजह से एयरक्राफ्ट भारत नहीं लाया जा सका है। कंपनी के अधिकारी सितंबर तक अनुमति मिलने के बाद एयरक्राफ्ट लाने की बात कह रहे हैं।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत शुरू होगी फ्लाइट
बरेली से कुशीनगर के बीच फ्लाइट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत जेट विंग्स एयरवेज कंपनी को शुरू करने की मंजूरी मिली है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना में बरेली-कुशीनगर के टिकट दर पर 50 प्रतिशत का अनुदान भी रहेगा।
स्लॉट नहीं मिलने से लटकी दिल्ली फ्लाइट की उड़ान
इंडिगो को बरेली से दिल्ली फ्लाइट शुरू कराने के लिए इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट अथॉरिटी से स्लॉट नहीं मिल पा रहे हैं। इंडिगो के अधिकारी पिछले साल से स्लाॅट लेने के लिए पत्राचार कर रहे हैं। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उड़ानों का दबाव इतना ज्यादा है कि बरेली के लिए स्लॉट ही नहीं दे रहे हैं।

