थामा भाजपा का दामन, ठुकराल की एंट्री से नाराजगी बनी बगावत, अब बढ़ेगी सियासी टकराहट
फ्रंट विज़न, रुद्रपुर: रूद्रपुर की राजनीति में बड़ा उलटफेर सामने आया है। लंबे समय से कांग्रेस में अपनी पहचान रखने वाली मीना शर्मा ने आखिरकार भाजपा का दामन थाम लिया है। देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी ज्वाइन की। इस दौरान रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जो इस ज्वाइनिंग को और अहम बनाता है।
दरअसल, मीना शर्मा की नाराजगी कोई अचानक नहीं थी। कांग्रेस में राजकुमार ठुकराल की एंट्री के बाद से ही वह असहज थीं। उन्होंने कथित ऑडियो और अपने अपमान का मुद्दा हाईकमान तक पहुंचाया, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह रही कि मीना शर्मा पार्टी के भीतर ही भीतर अपमान का घूंट पी रही थीं और आखिरकार यह नाराजगी बगावत में बदल गई।
पहले उन्होंने कांग्रेस के अपने सभी बड़े पदों से इस्तीफा दिया और अब सीधे भाजपा में शामिल होकर साफ कर दिया कि वह अब समझौते के मूड में नहीं हैं। मीना शर्मा का यह कदम रुद्रपुर की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है। माना जा रहा है कि उनके भाजपा में आने से महिला वोट बैंक और देसी समाज में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी।
वहीं दूसरी ओर राजकुमार ठुकराल के लिए यह नई चुनौती बन सकती है, क्योंकि मीना शर्मा अब खुलकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो भाजपा ने एक मजबूत स्थानीय चेहरा अपने पाले में कर लिया है, जो सीधे कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसकी बानगी पिछला विधानसभा चुनाव देखा जा सकता है। मीना को इस चुनाव में 40,000 वोट मिले थे। निश्चित तौर पर इनमें कांग्रेस के अलावा मीना के व्यक्तिगत वोट भी शामिल होंगे। और यही वोट राजकुमार ठुकराल के लिए बड़ी मुसीबत बनेंगे। अब देखना होगा कि यह “सियासी विस्फोट” आने वाले चुनाव में किस करवट बैठता है। लेकिन इतना तय है कि रुद्रपुर की राजनीति अब पहले जैसी नहीं रहने वाली।





