एफएनएन, देहरादून : नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने बजट को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. यशपाल ने कहा, जहां एक ओर आम जनता महंगाई, बेरोज़गारी, इलाज, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर हज़ारों करोड़ रुपये जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में खर्च ही नहीं किए गए.
आगे उन्होंने कहा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, कृषि, ग्रामीण और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में आवंटित राशि का उपयोग न होना सिर्फ़ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के साथ अन्याय है. जब अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो, स्कूल संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हों, किसान परेशान हों और गांव–शहर बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हों, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यह पैसा किसके लिए और क्यों रोका गया?
यशपाल आर्य ने ये भी कहा कि विकास का मतलब सिर्फ़ काग़ज़ों पर बजट दिखाना नहीं, बल्कि ज़मीन पर उसका ईमानदार क्रियान्वयन है. जनता को जवाब चाहिए-क्यों जनहित की योजनाएँ फाइलों में दबी रहीं और क्यों सरकार प्राथमिकताओं से भटकती रही?







