एक लाख सब्सक्राइबर्स बनाने पर यूट्यूब से मिला Silver Creator Award
सीईओ नील मोहन ने मोमेंटो, प्रशस्तिपत्र और कुछ यूएस डॉलर्स भी भेजकर बढ़ाया हौसला
उत्साहित यूट्यूबर्स ने केक काटकर, मिठाई बांटकर big success को किया celebrate
साझा की संघर्षगाथा, दिखाया सब्सक्राइबर्स इसी साल दस लाख तक पहुंचाने का हौसला
गणेश ‘पथिक’
विशेष संवाददाता
फ्रंट न्यूज नेटवर्क, बरेली। पढ़ाई के साथ-साथ थोड़ी सी मौज-मस्ती भी। महानगरों के ही नहीं, गांव-देहात के अल्हड़ यूट्यूबर्स भी अब सफलता और प्रसिद्धि का मीठा स्वाद चखने लगे हैं। बरेली से 20 किमी फासले पर फतेहगंज पश्चिमी विकास क्षेत्र के गांव खिरका के 20-22 साल के कुछ ल़ड़कों ने चार साल पहले सिर्फ मस्ती की खातिर एक-एक मिनट से भी कम के कुछ मजाकिया वीडियो मोबाइल फोन से बनाकर बस यूं ही यूट्यूब पर अपलोड कर दिए थे लेकिन यह क्या? हंसी-ठिठोली के मक़सद से बनाए गए इन वीडियोज को कई लोगों ने काफी पसंद किया और कुछ तो सब्सक्राइब भी करने लगे।

वर्ष 2021 की 22 जनवरी को यूट्यूब पर ‘एसबीएस किंग’ नाम से सनी विश्कर्मा और उनके दोस्तों सूरज कोरी और मोनू तथा कुछ अन्य करीबियों द्वारा शुरू किया गया छोटे फनी वीडियोज बनाने का यह सिलसिला चार साल के संघर्षों भरे सफर में एक लाख सब्सक्राइबर्स जोड़ लेने के सराहनीय पड़ाव तक पहुंच चुका है।

यू ट्यूब के इंटरनेशनल सीईओ नील मोहन ने एक लाख सब्सक्राइबर जोड़ लेने पर एसबीएस किंग यूट्यूब प्लेटफॉर्म के इन तीनों नौजवान यूट्यूबर्स को प्रशस्तिपत्र और सिल्वर क्रिएटर अवार्ड का आकर्षक मोमेंटो भेजकर न सिर्फ गर्मजोशी भरी शाबाशी दी है बल्कि कुछ $ (यूएस डॉलर्स) की प्रोत्साहन राशि भेजकर कर इन तीनों का हौसला भी बढ़ाया है। साथ ही भविष्य में भी ऐसे ही और भी फनी-वीडियोज यूट्यूब पर लगातार अपलोड करते रहने और बहुत शीघ्र अपने सब्सक्राइबर्स की तादाद एक मिलियन यानि दस लाख तक पहुंचा देने की शुभकामनाएं भी दी हैं।

एसबीएस किंग यूट्यूब प्लेटफॉर्म के एक लाख फॉलोवर्स या सब्सक्राइबर्स बनने और यूट्यूब के सीईओ से सिल्वर क्रिएटर अवार्ड, मोमेंटो, प्रशस्तिपत्र और कुछ $ भेजे जाने की इस उपलब्धि को इन तीनों युवाओं ने बीती शाम अपने घर पर केक काटकर और मिठाई बांटकर अपने पैरेंट्स और मोहल्ले के लोगों के साथ सेलिब्रेट भी किया।

पूछने पर सनी विश्वकर्मा, सूरज कोरी और मोनू ने बताया कि शुरुआत में पैरेंट्स और गांव के लोग वीडियो बनाने पर हौसला बढ़ाने के बजाय अक्सर हतोत्साहित ही करते थे। तीनों के परिवारों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है लिहाजा वीडियोज बनाने का शौक पूरा करने के लिए मनरेगा में या दूसरों के खेतों पर अक्सर मजदूरी भी करनी पड़ती थी। इस बीच अपने खिरका गांव के प्राइमरी-जूनियर स्कूल में पढ़ाई के दौरान प्रीति चौधरी मैम, राहुल यदुवंशी सर और कुछ अन्य ने कपड़े बगैरह मुहैया करवाकर उत्साह जरूर बढ़ाया।

सनी, सूरज और मोनू बताते हैं कि शुरुआती दौर काफी मुश्किलात और कठिनाइयों भरा था। बकौल सनी, जब भी महिला के गैटअप में कोई किरदार निभाता था तो मोहल्ले, गांववाले खूब मज़ाक बनाते थे लेकिन हम लोग अपनी धुन के पक्के थे और इन फब्तियों, टीका-टिप्पणियों को नज़रअंदाज कर अपना काम करते ही रहते थे। फिर भी 1000 सब्सक्राइबर्स जुटाने में पूरे दो साल लग गए लेकिन हम तीनों ने हिम्मत नहीं हारी। नतीजा यह कि तीन मिनट या अधिक के सैकड़ों फनी वीडियोज बनाकर हम तीनों एसबीएस किंग के फेसबुक और इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर अपलोड चुके हैं जबकि एक मिनट से कम अवधि के हमारे एक हजार से भी ज्यादा शॉर्ट वीडियोज एसबीएस किंग के यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर अपलोड हो चुके हैं और खूब पसंद भी किए जा रहे हैं।

सनी और उनके दोस्त बताते हैं कि एसबीएस किंग के सब्सक्राइबर्स एक हजार से दस हजार तक पहुंचाने में सिर्फ एक साल और दस हजार से एक लाख तक पहुंचाने में भी एक साल का वक्त लगा है। अब इसी वर्ष 2025 के आखिर तक हम तीनों का टार्गेट एसबीएस किंग के सब्सक्राइबर्स की तादाद को एक लाख से बहुत ऊंची छलांग दस लाख यानि एक मिलियन तक पहुंचाने का है। हमारी कोशिश इन छोटे-छोटे वीडियोज के जरिए लोगों को फूहड़पन, अश्लीलता से बाहर निकालकर हंसाने-गुदगुदाने के साथ ही छोटे-छोटे शिक्षाप्रद (एजूकेशनल) तथा प्रेरणादायक (मोटीवेशनल) संदेश देने की भी है।






