एफएनएन, रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्ग केदारनाथ हाईवे पर प्रशासनिक अव्यवस्था का गंभीर मामला सामने आया है. जहां तिलवाड़ा चौकी के पास पिछले दो हफ्ते से भी ज्यादा समय से शराब से लदे कैंटर और ट्रक सड़क किनारे खड़े हैं. गोदामों में भंडारण क्षमता न होने के कारण इन वाहनों से माल नहीं उतारा जा सका, जिससे वाहन चालक और मालिक मानवीय, आर्थिक और सुरक्षा संकट से जूझ रहे हैं.
सड़क पर क्यों खड़े हुए ट्रक? जानकारी के मुताबिक, इन वाहनों में भरी शराब को एफएल 2 गोदामों में संग्रहित किया जाना था, लेकिन गोदाम पहले से भरे होने के बावजूद अतिरिक्त शराब की आपूर्ति कर दी गई. नतीजतन करोड़ों रुपए मूल्य का माल केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना समुचित सुरक्षा खड़ा है.
जबकि, चालक कड़ाके की ठंड और विषम मौसम में खुले आसमान के नीचे समय बिताने को मजबूर हैं. शराब से लदे ट्रकों के लंबे समय तक खड़े रहने से सुरक्षा जोखिम भी बढ़ गया है. रात के समय नशेड़ी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ने की बात चालक बता रहे हैं.
इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण जंगली जानवरों की आवाजाही से भी खतरा बना हुआ है. चालकों का कहना है कि उन्हें खुद ही वाहनों की निगरानी करनी पड़ रही है, जिससे मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं.
चालकों को कर्ज, किश्त और परिवार की चिंता: लगातार दो हफ्ते से वाहन खड़े रहने के कारण चालकों की आजीविका प्रभावित हुई है. वाहन की किश्त, ईंधन खर्च और पारिवारिक जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ता जा रहा है. कई चालकों ने बताया कि वे मजबूरी में सड़क किनारे ही डटे हुए हैं. क्योंकि, वाहन छोड़ने का मतलब भारी नुकसान उठाना है.
आबकारी विभाग की योजना और समन्वय पर सवाल: इस पूरे प्रकरण ने आबकारी विभाग की योजना और समन्वय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं. यदि गोदामों में भंडारण की व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी तो क्षमता से ज्यादा शराब मंगाने की अनुमति कैसे दी गई? इस पर जवाबदेही तय होना आवश्यक माना जा रहा है.
“गोदामों में स्थान की कमी के चलते ट्रकों को अस्थायी रूप से रोका गया है. अतिरिक्त गोदामों की व्यवस्था की जा रही है और जल्द ही माल उतरवाकर सड़क से वाहनों को हटाया जाएगा. “- रमेश बंगवाल, आबकारी अधिकारी






