धार्मिक प्रवृत्ति के महंत सत्य प्रकाश हरिद्वार से गोला, ओंकारेश्वर, उज्जैन महाकालेश्वर आदि धार्मिक स्थलों पर पदयात्राएं करके 100 से अधिक कांवड़ें चढ़ा चुके थे। साथ ही महंत के रूप में वर्षों से कांवड़ियों के जत्थों का नेतृत्व कर हजारों शिवभक्तों से भी कांवड़ें चढ़वा चुके थे। इतना ही नहीं, उन्होंने सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी कर लिए थे जो हर किसी को नहीं होते।