माहिरा खान ने 22 जनवरी 1992 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका के रूप में नौकरी हासिल की थी। लेकिन उसकी काली सच्चाई जल्द ही सबके सामने आ गई थी कि उसने गलत दस्तावेजों के जरिए सहायक अध्यापिका पद पर पोस्टिंग पाई थी। बाद में उसे भी बर्खास्त कर दिया गया था।
एफएनएन ब्यूरो, बरेली। नर्सिंग स्टाफ की नौकरी लगवाने के नाम पर जिला अस्पताल के चपरासी ने युवती से तीन लाख रुपये ठग लिए। रकम लौटाने को कहा तो जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।