गोष्ठी में बरेली कालेज के वाणिज्य विभाग में ही प्राध्यापक रहे प्रो.राज कुमार वार्ष्णेय को प्रथम प्रो. एन. एल.शर्मा स्मृति शिक्षा सम्मान भी प्रदान किया गया।
सुधीर मोहन ने 'सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आए हैं'-पेशकर श्रोताओं की बहुत वाहवाही लूटी। प्रीति सक्सेना की मेरी झोपड़ी में राम आएंगे भी बहुत पसंद किया गया। रश्मि सक्सेना ने भजन मेरे रोम- रोम में बसने वाले राम से खूब तालियां बटोरीं। बीनू सिन्हा का भजन नगरी हो अयोध्या सी रघुकुल सा घराना हो भी खूब पसंद किया गया।
प्रकाश चंद्र ने किशोर कुमार के हिट गीत "आते-जाते खूबसूरत आवारा सड़कों पर" प्रस्तुत करके खूब वाहवाही लूटी। प्रसिद्ध गायक विजय चौहान ने दीवाना लेकर आया है-गीत की शानदार प्रस्तुति दी। गायक अनूप जायसवाल ने "रात कली एक ख्वाब में आई और गले का हार हुई"- पेश करके वातावरण गुंजायमान कर दिया।