Sunday, February 8, 2026
03
20x12krishanhospitalrudrapur
IMG-20260201-WA0004
previous arrow
next arrow
Shadow
Homeराज्यउत्तर प्रदेशझांसी की साध्वी मां कल्पना ने खुलवाए कश्मीर में बंद पड़े मंदिरों...

झांसी की साध्वी मां कल्पना ने खुलवाए कश्मीर में बंद पड़े मंदिरों के ताले


सफल अभियान चलाकर वापस लौटने पर फूलों की बौछार से हुई जोरदार अगवानी

भारत सरकार के समक्ष जोरदार ढंग से उठाई कश्मीरी पंडितों की पुनर्वापसी और मुआवज़े की भी मांग

फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। समाजसेवी नदीम शमसी की अध्यक्षता वाले सामाजिक संगठन भारतीय सद्भावना मंच की संयोजिका झांसी की माँ साध्वी कल्पना ने कश्मीर में बंद पड़े कई प्राचीन मंदिरों के ताले खुलवाकर और उनकी साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और पुनरुद्धार का कार्य करवाकर एक ऐतिहासिक और सराहनीय मिसाल प्रस्तुत की है।
माँ साध्वी कल्पना जी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने जम्मू-कश्मीर का सघन दौरा किया, वहां के हिंदू- मुस्लिम समाज ने उन्हें कई ऐसे प्राचीन मंदिर दिखाए जो आतंकवादियों के डर से वर्षों से बंद पड़े थे। साध्वी कल्पना ने बताया कि कश्मीरी लोगों और भारतीय सद्भावना मंच के प्रयासों से इन मंदिरों के बंद कपाटों को खुलवाया गया। साफ-सफाई, रंगरोगन और जीर्णोद्धार-सौंदर्यीकरण करवाकर इन मंदिरों को श्रद्धालुओं के नियमित पूजापाठ के लिए खुलवा भी दिया गया है।

इस पूरे अभियान में स्थानीय हिंदुओं के अलावा वहां के अधिकांश मुस्लिम समुदाय ने भी भरपूर सहयोग किया है। साध्वी कल्पना ने बताया कि अतीत में कई दशक पहले पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के कारण कश्मीरी पंडितों को जान-माल की भारी क्षति उठानी पड़ी थी, लेकिन आज कश्मीर में हालात बहुत बेहतर हैं। उन्होंने और समाजसेवी नदीम शम्सी ने मंच के बैनर तले भारत सरकार से पुरजोर मांग की है कि कश्मीरी पंडितों को सम्मान के साथ दोबारा उनकी धरती पर परिवार सहित बसाया जाए और उन्हें भरपूर सुरक्षा भी दी जाय। इसके साथ ही जिन कश्मीरी ब्राह्मण परिवारों को आतंकियों की वजह से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था,भारत सरकार से हम अनुरोध करते हैं कि उन सबको सम्मानजनक मुआवजा और अधिकतम आर्थिक-सामाजिक सहायता सुनिश्चित की जाए।

कश्मीर में एक लंबे एवं साहसिक सद्भावना अभियान को सफलतापूर्वक संपादित करने के बाद जब माँ साध्वी कल्पना बरेली पहुँचीं, तो राधा कृष्ण शक्तिपीठ मंदिर पर उनका स्वागत पगड़ी पहनाकर और शॉल उढ़ाकर तथा फूलों की बौछार से किया गया।

नदीम शमसी और साध्वी कल्पना ने स्वीकार किया कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की रक्षा और मजबूती के लिए निस्संदेह व्यापक प्रयास हो रहे हैं और अब उनके सकारात्मक प्रभाव भी दशकों तक अशांत रहे जम्मू-कश्मीर में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। साध्वी कल्पना का स्वागत करने वालों में समाजसेवी नदीम शमसी, पुजारी पंडित कपिल बिहारी महाराज, रुचि पंडित, महेश पंडित, ममता वर्मा, सारिका, नावेद खान, रजत अग्रवाल, जुबैर शमसी, मयंक पंडित, ममता पंडित आदि सम्मिलित रहे।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments