एफएनएन, हल्द्वानी : पुलिस ने आठ फरवरी को बनभूलपुरा हिंसा के मास्टरमाइंड वांटेड अब्दुल मलिक को 16 दिन बाद शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा एक वांटेड और दो अन्य उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना में अब तक 82 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अभी घटना में अब्दुल मलिक का बेटा वांटेड अब्दुल मोईद फरार है।
हल्द्वानी के मलिक के बगीचा में अवैध रूप से बने मदरसा और नमाज स्थल को ढहाने के दौरान हिंसा हो गई थी। इसमें कई कर्मचारी घायल हो गए थे और छह लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा का मास्टरमाइंट अब्दुल मलिक को माना गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश में थी।
एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बहुउद्देश्यीय भवन में प्रेस वार्ता कर बताया कि आठ फरवरी की घटना के बाद थाना बनभूलपुरा में तीन अभियोग पंजीकृत किए गए थे। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए छह टीमें बनाई गई थीं। पुलिस टीमों ने घटनास्थलों के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर दबिश देकर 78 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध हथियार व कारतूस बरामद किए।
बताया कि इस मामले में वांछित अभियुक्त मोस्टवांटेड अब्दुल मलिक और उसका बेटा अब्दुल मोईद की गिरफ्तारी के लिए छह पुलिस टीमें गठित की गई थी, जो पहले पश्चिमी यूपी और दिल्ली में अब्दुल मलिक को पकड़ने के लिए दबिश दे रही थीं।
पता चला कि अब्दुल मलिक पहले दिल्ली फिर चंड़ीगढ़, फिर गुजरात और फिर मुंबई गया। उसकी तलाश में टीमें इन क्षेत्रों में भेजी गईं।इस बीच शुक्रवार को एसओजी को मुखबिर से पता चला कि अब्दुल मलिक दिल्ली में छुपा है। शनिवार को एसओजी प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने छापा मारकर अब्दुल मलिक को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। कहा कि अब्दुल मलिक को हल्द्वानी लाया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। देर रात उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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