एफएनएन , रामनगर : उत्तराखंड में सरकारी भूमि से कथित अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को कॉर्बेट सिटी रामनगर के ग्रामीण क्षेत्रों सांवल्दे और बसई में जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो मजारों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के अनुसार, संबंधित संरचनाओं को हटाने से करीब दो सप्ताह पहले नोटिस चस्पा किए गए थे। नोटिस की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों संरचनाओं को हटाया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल देखने को मिली।
सांवल्दे और बसई में हटाई गईं दो मजारें
रामनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की। सांवल्दे और बसई में स्थित दो मजारों को चिह्नित कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई से पहले संबंधित क्षेत्रों में धार्मिक संरचनाओं का सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान चिह्नित संरचनाओं पर करीब दो सप्ताह पहले नोटिस चस्पा किए गए। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद गुरुवार को दोनों मजारों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।
नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद हुई कार्रवाई
प्रशासन ने बताया कि दोनों संरचनाओं को हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस की समयसीमा समाप्त होने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर क्षेत्र में धार्मिक संरचनाओं का सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान चिह्नित संरचनाओं पर नोटिस दिए गए थे। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद सांवल्दे और बसई में स्थित दो मजारों को हटाया गया है।
सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी
उत्तराखंड सरकार सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लगातार कार्रवाई करने की बात कह रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कई मौकों पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कह चुके हैं।
सरकार की ओर से बीते कुछ महीनों में राज्यभर में 602 अवैध मजारों को ध्वस्त किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, यह आंकड़ा सरकार के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
रामनगर में हुई कार्रवाई सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान का हिस्सा है। प्रशासन का कहना है कि सर्वे में चिह्नित संरचनाओं के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
अब क्षेत्र में आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर रहेगी। सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के तहत अन्य चिह्नित स्थलों पर भी नियमानुसार कदम उठाए जा सकते हैं।








