एफएनएन , श्रीनगर : केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लंबे समय से लंबित पंचायत चुनावों की तारीख घोषित कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, लद्दाख में 21 नवंबर 2026 को मतदान होगा। चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इन चुनावों के जरिए 248 गांवों में पंच और सरपंच चुने जाएंगे। अगस्त 2019 में लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यह पहला पंचायत चुनाव होगा।
21 नवंबर को होगा मतदान
राज्य चुनाव आयुक्त (SEC) सुधांशु पांडे ने बुधवार को पंचायत चुनावों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मतदान 21 नवंबर को कराया जाएगा और चुनाव प्रक्रिया नवंबर के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।
लद्दाख में पिछला पंचायत चुनाव नवंबर 2018 में हुआ था। उस समय यह क्षेत्र तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था। अगस्त 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां पहली बार पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं।
248 गांवों में चुने जाएंगे पंच और सरपंच
घोषित कार्यक्रम के तहत लद्दाख के 248 गांवों में पंचों और सरपंचों के चुनाव कराए जाएंगे। राज्य चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पंचायती राज नियमावली, 1996 का नियम 7, जो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख पर लागू होता है, पंचायत हलकों में पंच और सरपंच चुनने का प्रावधान करता है।
26 अक्टूबर से शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, प्रशासक और राज्य चुनाव आयोग की ओर से 26 अक्टूबर को चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
इसके बाद 21 नवंबर को मतदान होगा। आयोग के अनुसार, मतगणना सहित पूरी चुनाव प्रक्रिया नवंबर के अंत तक पूरी करने का कार्यक्रम है।
आदर्श आचार संहिता लागू, राजनीतिक दलों को निर्देश
चुनाव की घोषणा के साथ ही लद्दाख में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। राज्य चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को इसके नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।
आयोग के अनुसार, कोई भी पार्टी या उम्मीदवार ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता, जिससे विभिन्न जातियों और समुदायों के बीच मतभेद, आपसी नफरत या तनाव बढ़े। चुनाव प्रचार के लिए पूजा स्थलों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। इसके अलावा, सरकारी या निजी संपत्तियों पर बिना लिखित अनुमति पोस्टर चिपकाने की अनुमति नहीं होगी।
लद्दाख के राजनीतिक संगठनों और केंद्र के बीच मतभेद
लद्दाख में पंचायत चुनाव ऐसे समय घोषित हुए हैं, जब क्षेत्र के राजनीतिक संगठनों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच संवैधानिक सुरक्षा उपायों और निर्वाचित निकायों को लेकर मतभेद जारी हैं।
लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) सहित लद्दाख के संगठन लंबे समय से केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं। ये संगठन क्षेत्र के लिए विशेष संवैधानिक सुरक्षा उपायों और राजनीतिक अधिकारों की मांग उठाते रहे हैं।
केंद्र सरकार ने पूर्ण राज्य का दर्जा या विधायिका वाला केंद्र शासित प्रदेश देने के बजाय लद्दाख के लिए एक विशेष प्रशासनिक मॉडल प्रस्तावित किया है। हालांकि, इन संगठनों ने इस मॉडल पर असहमति जताई है।
पंचायत मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरा
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण इस साल पूरा कर लिया गया है। वहीं, नगर पालिका की मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया अभी जारी है।
अब चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद प्रशासन और चुनाव आयोग का ध्यान निर्धारित समय पर मतदान कराने और आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने पर रहेगा।
नोट: उपलब्ध जानकारी में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की तारीख को लेकर अंतर है—एक जगह 30 नवंबर से पहले और दूसरी जगह 31 नवंबर लिखा है। नवंबर में 31 तारीख नहीं होती, इसलिए प्रकाशन से पहले आधिकारिक अधिसूचना से अंतिम तारीख की पुष्टि कर लें।








